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Anemia Meaning In Hindi – जानिए एनीमिया या खून की कमी के बारे में

Anemia in Hindi क्या आप थकान और कमजोरी महसूस करते है और दिन गुजारने में भी परेशानी महसूस कर रहे हैं तो साबधान हो जाइये, ऐसा होना आपके एनीमिया के शिकार होने का संकेत हो सकता है। Anemia Meaning in Hindi is रक्ताल्पता या खून की कमी।यह वह स्थिति होती है जिसमे आपके ब्लड में लाल रुधिर कणिकाओं की कमी हो जाती है।

जिस प्रकार हमारी कार को चलाने के लिए उसके टैंक में फ्यूल डालने की ज़रूरत होती है उसी प्रकार हमारी ब्लड सेल्स हमारे ऑर्गन्स और टिस्सुस तक ऑक्सीजन पहुँचाती हैं जिससे हमें काम करने की शक्ति मिलती है। अगर आपके शरीर में पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स नहीं होंगी तो आपको सुबह जागने, एक्सरसाइज करने और आपके बाकी जरूरी काम करने में परेशानी होगी। यहाँ एनीमिया के कुछ सामान्य कारण और आम लक्षण दिए गये हैं, आइये इसके बारे में और अधिक जानकारी लेते हैं।

Anemia Meaning in Hindi – एनीमिया का अर्थ हिन्दी में

यह एक बहुत ही आम स्थिति है जो अधिकतर महिलाओं, बच्चों और उन लोगों को प्रभावित करती है जिन्हे कोई पुरानी बीमारी होती है। एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जो तब विकसित होती है जब आपके ब्लड में पर्याप्त हेल्दी ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की कमी होती है। हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स का मुख्य हिस्सा होता है जो ऑक्सीजन को हमारे ऑर्गन्स और टिश्यू में बांधे रखता है। यदि आपकी रेड ब्लड सेल्स बहुत कम हैं या असामान्य हैं और आपका हीमोग्लोबिन का लेवल बहुत कम है तो आपके शरीर की सेल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलेगी। जब आपका शरीर पर्याप्त ब्लड सेल्स नहीं बना पता और आयरन, फोलेट या विटामिन बी 12 (ये सभी RBCs बनाने के लिए आवश्यक होते हैं) की कमी हो जाती है, तब आप एनीमिया के शिकार होते है।

एनीमिया के कारण हिन्दी में

आपको एनीमिया बहुत से कारणों की वजह से हो सकता है, उनमें से एक है आपके शरीर में पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स का न बनना और आपके खून में आयरन, फोलेट और विटामिन B 12 की कमी होना। इनके अलावा और भी बहुत सारे कारणों की वजह से आप एनीमिया के शिकार हो सकते हैं। अगर एनीमिया के कारणों की बात की जाये तो, एनीमिया 400 से भी ज्यादा प्रकार का होता है जो अलग अलग करने की वजह से होता है। उनमे से कुछ मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं-

  1. खून की कमी के कारण एनीमिया
  2. रेड ब्लड सेल्स के कम उत्पादन के कारण
  3. रेड ब्लड सेल्स के विनाश के कारण

खून की कमी के कारण

एनीमिया होने का यह कारण बहुत बार आसानी से पहचान में नहीं आता। बहुत बार जब किसी कारण आपका ब्लड बहुत अधिक बह जाता है तो आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो सकती है, यह अक्सर लम्बे समय तक ब्लड के बहने के कारण होता है। इस प्रकार की पुरानी ब्लीडिंग आमतौर पर निम्नलिखित का परिणाम हो सकती है:

  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कंडीशन्स जैसे अल्सर, बवासीर, गैस्ट्र्रिटिस (पेट की जलन और सूजन), और कैंसर
  • मासिक धर्म या पीरियड्स (अगर पीरियड्स में अत्यधिक ब्लीडिंग हो रही है)
  • नोनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लैमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) जैसे एस्पिरिन या इबुप्रोफेन का उपयोग, जो अल्सर और गैस्ट्र्रिटिस का कारण बन सकता है

रेड ब्लड सेल्स के कम उत्पादन के कारण

इस प्रकार के एनीमिया में, हमारी बॉडी या तो बहुत कम ब्लड सेल्स बनाती है या हमारी ब्लड सेल्स अच्छे से काम नहीं करती, दोनों ही स्थितियों में आपको एनीमिया हो सकता है। रेड ब्लड सेल्स के असामान्य होने का कारण रेड ब्लड सेल्स में आवश्यक विटामिन की कमी या मिनरल्स की कमी हो सकती है। इस प्रकार के एनीमिया के साथ निम्नलिखित कंडीशन्स हो सकती हैं-

  1. सिकेल सेल एनीमिया: Sickle Cell एनीमिया एक अनुवांशिक डिसॉर्डर होता है जिसमे रेड ब्लड सेल्स जेनेटिक कमी के कारण अर्ध-आकार की बन जाती हैं और जल्दी जल्दी टूटने लगती है जिस कारण ऑक्सीजन हमारे शरीर के अंगों तक नहीं पहुँच पाती और व्यक्ति एनीमिया का शिकार हो जाता है। कभी कभी अर्ध-आकार रेड ब्लड सेल्स छोटी ब्लड वाहिकाओं में फँस जाती है और दर्द का कारण बनती है।
  2. आयरन की कमी: हमारे शरीर में आयरन की कमी के कारण और मिनरल्स की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है। बोन मेरो को हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन की ज़रूरत होती है, जो रेड ब्लड सेल्स का हिस्सा होता है जो शरीर के अंगों में ऑक्सीजन को पहुंचने का काम करता है। पर्याप्त आयरन के आभाव में हमारी रेड ब्लड सेल्स के लिए पर्याप्त हीमोग्लोबिन का उत्पादन नहीं हो पाता, जिसके परिणामस्वरूप आयरन की कमी से एनीमिया हो जाता है।
  3. विटामिन की कमी: विटामिन की कमी के कारण एनीमिया तब होता है जब हमारे शरीर में विटामिन B 12 और फोलेट की कमी हो जाती है क्योंकि यही दो विटामिन होते हैं जो रेड ब्लड सेल्स का निर्माण करते हैं। विटामिन की कमी के कारण जो कंडीशंस एनीमिया को बढ़ावा देती हैं, वो इस प्रकार हैं- मेगालोब्लास्टिक एनीमिया, पेरनिसियस एनीमिया, आहार की कमी, प्रेगनेंसी, इंटेस्टाइन से संबन्धित बीमारी, कुछ दवाओं के कारण, ज्यादा अल्कोहॉल के कारण।
  4. बोन मेरो और स्टेम सेल में परेशानी के कारण: बोन मेरो और स्टेम सेल में समस्या आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बनने से रोकती है, अगर स्टेम सेल बहुत कम होंगी, खराब होंगी तो एनीमिया का कारण बन सकती है।
  5. अन्य हेल्थ कंडीशन्स: जब आपके शरीर में इतने हार्मोन्स उपस्थित नहीं होते जो रेड ब्लड सेल्स का निर्माण कर सके तब भी एनीमिया की कंडीशन उत्पन्न हो जाती है। इस प्रकार के एनीमिया के लिए निम्नलिखित स्थितियां जिम्मेदार होती हैं-
  • एडवांस किडनी डिसीज
  • ह्य्पोथायरॉडिज़्म
  • अन्य पुरानी बीमारियाँ जैसे- कैंसर, इन्फेक्शन, डायबिटीज, ल्यूपस, रूमेटोइड आर्थराइटिस
  • उम्र बढ़ने की वजह से

रेड ब्लड सेल्स के विनाश के कारण

जब रेड ब्लड सेल्स बहुत नाजुक होती हैं और सर्कुलेटरी सिस्टम के नियमित तनाव का सामना नहीं कर पाती हैं, तो वे समय-समय पर टूटती रहती हैं, जिससे हीमोलिटिक एनीमिया हो सकता है। हीमोलिटिक एनीमिया जन्म के समय भी हो सकता है या बाद में भी हो सकता है। कभी-कभी इसके होने का कोई ज्ञात कारण नहीं होता। हीमोलिटिक एनीमिया के कुछ कारणों में निम्नलिखित हैं:

  • अनुवांशिक कंडीशन्स जैसे कि सिकेल सेल एनीमिया और थैलसेमिया
  • तनाव देने वाले कारण जैसे इन्फेक्शन, दवायें, सांप या मकड़ी का जहर, या कुछ खाद्य पदार्थ
  • लिवर या किडनी डिसीज से उत्पन्न टोक्सिन
  • वैस्कुलर ग्राफ्ट्स, प्रोस्थेटिक हार्ट वाल्व, ट्यूमर, गंभीर जलन, कुछ रसायनों के संपर्क में आने से, गंभीर उच्च रक्तचाप, और थकावट विकार
  • कभी कभी बढ़ा हुआ स्प्लीन भी रेड ब्लड सेल्स को उनके परिसंचरण से पहले ही उन्हें नष्ट कर क्र देता है।

एनीमिया के लक्षण हिन्दी में

एनीमिया के लक्षण काफी हद तक उसके कारणों, प्रकार, गम्भीरता और अन्य हेल्थ समस्याएं जैसे हेमोरेजिंग, अल्सर, मासिक धर्म की समस्याएं, या कैंसर पर निर्भर करते हैं। इन समस्याओं के लक्षणों को पहले देखा जा सकता है। वैसे तो हमारे शरीर में प्रारंभिक एनीमिया की क्षतिपूर्ति करने की एक विशेष क्षमता होती है और अगर आपको बहुत हल्का एनीमिया है और काफी लम्बे समय से विकसित हो रहा है तो भी इसके लक्षण दिखाई नहीं देते। एनीमिया के कुछ सामान्य लक्षण और उसके कारणों के आधार पर कुछ लक्षण निचे दिए गए हैं।

एनीमिया के कुछ सामान्य लक्षण (General symptoms of Anemia in Hindi) इस प्रकार हैं-

  • जल्दी से थकान होना और ऊर्जा की कमी
  • एक्सरसाइज करते समय असामान्य रूप से दिल की धड़कन तेज़ हो जाना
  • एक्सरसाइज करते समय सांस फूलना और सिरदर्द
  • ध्यान लगाने में परेशानी होना
  • चक्कर आना
  • त्वचा का पीला पड़ जाना
  • पैर में दर्द होना
  • अनिद्रा

एनीमिया के लक्षण उसके कारणों के आधार पर इस प्रकार हैं-

  1. जिन लोगों को आयरन की कमी के कारण एनीमिया होता है वो इन लक्षणों को महसूस कर सकते हैं-
  • अजीब चीजों को खाने की भूख लगना जैसे -कागज, बर्फ, धुल और मिट्टी खाने का मन करना (पिका कहा जाता है)
  • नाखूनों का अजीब तरह से उठ जाना, जिसे कोइलोनेचिअस कहते हैं
  • मुंह में सूजन के साथ-साथ दरारें पड़ जाना
  1. जिन व्यक्तियों को विटामिन B 12 की कमी की वजह से एनीमिया होता है वो इन लक्षणों को महसूस कर सकते हैं-
  • हाथ और पैरों में झुनझुनी सी होना(जैसा सुई चुभने से होता है)
  • हाथ पैर सुन्न हो जाना
  • घबराहट होना और चलने में परेशानी होना
  • हाथ-पैर में कठोरता आ जाना
  • डेमेंसिआ
  1. क्रोनिक लीड विषाक्तता इन लक्षणों का कारण बन सकती है-
  • मसूड़ों पर काली नीली लाइन बन जाना जिसे लीड लाइन कहते हैं
  • पेट दर्द
  • कब्ज
  • उल्टी आना
  1. रेड ब्लड सेल के विनाश के कारण एनीमिया के लक्षण इस प्रकार हैं-
  • जॉन्डिस
  • कत्थई या लाल यूरीन आना
  • पैरों में अलसर
  • बढ़ने में परेशानी
  • गॉलस्टोन्स के लक्षण
  1. सिकेल सेल एनीमिया के लक्षण इस प्रकार हैं-
  • थकान
  • इन्फेक्शन होने का खतरा
  • बच्चों के विकास में रूकावट आना
  • कुछ अंतराल पर जोड़ों में, पेट में और अन्य अंगों में दर्द होना
  1. रेड ब्लड सेल्स के अचानक टूटने की वजह से एनीमिया के लक्षण इस प्रकार हैं-
  • पेट में दर्द
  • ब्राउन और लाल यूरीन
  • जॉन्डिस
  • त्वचा पर छोटे छोटे दाने हो जाना
  • किडनी फेल होने के लक्षण
  • सेइज़र्स या मिर्गी

यदि आप किसी पुरानी बीमारी जैसे रूमेटोइड गठिया, मधुमेह, क्रोन की बीमारी, या कुछ प्रकार के कैंसर से जूझ रहें हैं या आपका कोई पारिवारिक इतिहास है, तो आपको एनीमिया का शिकार होने का खतरा बहुत अधिक हो सकता है।

डॉक्टर के पास कब जाएँ?

अगर आपको कोई भी ऐसा लक्षण दिखता है जिसकी वजह से आप एनीमिया का शिकार हो सकते हैं, तो तुरन्त अपने डॉक्टर से सलाह लें-

  • लगातार थकान होना,साँस न आना, हार्ट रेट बढ़ जाना, त्वचा पीली पड़ जाना और कोई एनीमिया का लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ और किसी परेशानी से बचने के लिए आपातकालीन देखभाल की तलाश करें या अपने दिल की धड़कन में बदलाव करें।
  • बहुत ज्यादा हैवी पीरियड्स होना।
  • अल्सर, गैस्ट्रिटिस, बवासीर, खूनी बवासीर और कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण दीखते ही डॉक्टर के पास जाएँ।
  • आगे आपके परिवार में एनीमिया की समस्या पहले से है तो अपने बच्चे को जन्म देने से पहले डॉक्टर से सलाह लेलें।

एनीमिया का इलाज हिन्दी में

एनीमिया का इलाज भी उसके प्रकारों और कारणों के आधार पर किया जाता है। एनीमिया का इलाज एक डिफाइन रेंज में ही किया जाता है तथा एक प्रकार के एनीमिया का इलाज दूसरे प्रकार से बिल्कुल अलग होता है। जब तक कोई व्यक्ति एनीमिया के लक्षण विकसित नहीं करता तब तक एनीमिया का इलाज सम्भव नहीं है। इसके इलाज का मुख्य उद्देश्य रेड ब्लड सेल की संख्या बढ़ाना है। रेड ब्लड सेल बढ़ने से आपके खून में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ती है।

  • आयरन की कमी के कारण एनीमिया: इस प्रकार के एनीमिया के लिए बहुत ही आसान इलाज है। कुछ आयरन सप्लीमेंट्स और कुछ खान पान की आदतों में सुधार करके इसका इलाज किया जा सकता है। यदि यह समस्या ज्यादा खून बह जाने की वजह से है तो उस स्थान को खोजिये जहां से ब्लीडिंग हो रही है और इसे जितना जल्दी हो सके रोकने के लिए उचित प्रयास करें।
  • विटामिन की कमी के कारण एनीमिया: इस तरह के एनीमिया के इलाज के लिए आपको कुछ डाइटरी सप्प्लीमेंट्स और विटामिन B 12 के शॉट्स लेने की सलाह दी जाती है।
  • थैलेसेमिया: इस तरह के एनीमिया के उपचार में फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स दिया जाता है, स्प्लीन को निकल दिया जाता है, और कभी-कभी ज़रूरत पड़ने पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन और बोन मेरो ट्रांसप्लांट किया जाता है।
  • पुरानी बीमारी के कारण एनीमिया: इस तरह का एनीमिया आमतौर पर गंभीर और पुरानी बिमारियों के कारण होता है, जिसके लिए कोई निश्चित इलाज नहीं है बल्कि कंडीशन के आधार पर इसका इलाज किया जाता है।
  • अप्लास्टिक एनीमिया: इसमें भी रोगी का ब्लड ट्रांसफूजन और बोन मेरो ट्रांसप्लांट किया जाता है।
  • सिकेल सेल एनीमिया: इस प्रकार के एनीमिया का इलाज करने के लिए ऑक्सीजन थेरेपी, इंट्रावेनस फ्ल्यूड थेरेपी, और दर्द से आराम शामिल होता है। इसके साथ साथ कुछ एंटीबायोटिक्स, फॉलिक एसिड सप्लीमेंट्स और ब्लड ट्रांस्फ्यूशन भी किया जाता है।

इसके अलावा आयरन युक्त आहार लेकर भी आप एनीमिया से राहत पा सकते हैं। यहां पर हम बताएंगे की एनीमिया में क्या खाये जिससे आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स का निर्माण उचित प्रकार से हो और हीमोग्लोबिन की कमी न हो।

एनीमिया के लिए आहार

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यदि एनीमिया पोषक तत्वों की कमी के कारण होता है, तो आयरन युक्त आहार लेकर आप एनीमिया से छुटकारा पा सकते हैं और साथ ही साथ यह एनीमिया के लक्षणों को भी कम करने में सहायक होता है। कुछ पदार्थ जो आयरन के भरपूर स्त्रोत होते हैं इस प्रकार हैं:

  • आयरन युक्त अनाज और ब्रेड
  • हरे पत्तेदार सब्जियां
  • दालें और सेम
  • ब्राउन राइस
  • सफेद और लाल मीट
  • दाने और बीज
  • मछली
  • टोफू
  • अंडे
  • ड्राई फ्रूट्स

इसके बारे में भी विस्तार से पढ़ें: Arthritis meaning in Hindi और Epilepsy meaning in Hindi

अपने आहार में बदलाव करके एनीमिया (Anemia Meaning in Hindi) के कई मामलों को रोका जा सकता है या इसका पूरी तरह इलाज भी किया जा सकता है। एनीमिया के कुछ प्रकार ऐसे होते हैं जिनका इलाज लंबे समय तक चल सकता है, और कुछ प्रकार ऐसे होते हैं जिनका अगर इलाज न किया जाये तो आपका जीवन खतरे में पड़ सकता है। जो लोग अपने को लगातार कमजोर और थका हुआ महसूस करतें हैं उन्हें एनीमिया (Anemia in Hindi) की जांच करने के लिए डॉक्टर को देखना चाहिए।

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