ब्लॉग » स्वास्थ्य ब्लॉग » Ashwagandha Benefits In Hindi –  अश्वगंधा के फायदे और नुकसान

Ashwagandha Benefits In Hindi –  अश्वगंधा के फायदे और नुकसान

यदि आप भारत में रहते हैं तो आपने अश्वगंधा नमक जड़ी बूटी के विषय में अवश्य ही सुना होगा। इस जड़ी बूटी को अनेक प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए प्रयोग किया जाता है। आप विश्वास नहीं करेंगे परन्तु आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति में अश्वगंधा के अनेक फायदों (ashwagandha benefits in hindi) के विषय में विस्तृत रूप से बताया गया है। यह जड़ी बूटी अनेक प्रकार से मानव शरीर को लाभ पहुंचने के लिए जानी जाती है।

अश्वगंधा, जिसे भारतीय जिनसेंग के नाम से भी जाना जाता है, यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, कैंसर से लड़ने, तनाव और चिंता को कम करने और पुरुषों में प्रजनन क्षमता बढ़ाने की अपनी क्षमता रखता है। इसके अलावा यह गठिया, अस्थमा, और उच्च रक्तचाप को रोकने में भी मदद करता है। साथ ही, अश्वगंधा एंटीऑक्सिडेंट की आपूर्ति को बढ़ाता है और इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करता है। यह बहुत ही अविश्वसनीय है किन्तु इन सबके अलावा अश्वगंधा में जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण भी उपस्थित होते हैं।

अश्वगंधा एक अविश्वसनीय रूप से स्वास्थ्य औषधीय जड़ी बूटी है।

आइये इसके इसके अचम्भित कर देने वाले गुणों के बारे में जानते हैं। जिस प्रकार कोई भी वस्तु, उत्पाद या मनुष्य सम्पूर्ण प्रकार से संपन्न नहीं होता उसी प्रकार अश्वगंधा के कुछ नुकसान भी होते हैं, जिनके विषय में भी हम आपको इस लेख में बताएंगे। आइये पहले जानते हैं अश्वगंधा के विषय में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य क्या हैं?

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • यह एक अविश्वसनीय स्वास्थ्य औषधीय जड़ी बूटी है।
  • अश्वगंधा को आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का राजा कहा जाता है।
  • अस्वगंधा को भारतीय जिनसेंग भी कहा जाता है।
  • यह भारत में पैदा होता है और यह सूखे क्षेत्रों में सबसे अच्छे से बढ़ता है।
  • इसका नाम अश्वगंधा, घोड़े के पसीने की गंध के कारण रखा गया है।
  • गर्भवती महिलाओं को अश्वगंधा का उपयोग करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे प्रसव जल्दी हो सकता है।
  • यह कुछ प्रकार के कैंसर, अल्जाइमर और एंग्जायटी के लिए फायदेमंद (ashwagandha benefits in hindi) हो सकती है।

What is Ashwagandha in Hindi – अश्वगंधा क्या होता है?

अश्वगंधा (Withania somnifera) एक सर्वश्रेष्ठ प्रकार की औषधीय जड़ी बूटी है जिसका उपयोग आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा में हजारों वर्षों से किया जाता रहा है। यह एक एडाप्टोजेन होता है, जिसका अर्थ है कि यह हमारे शरीर को तनाव का प्रबंधन करने में मदद करने की क्षमता रखता है। यह सोलानेसी परिवार (फूलों के पौधों का एक आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण परिवार जिसमे वार्षिक और बारहमासी जड़ी बूटियों से लेकर बेलें, लिआना, एपिफाइट्स, झाड़ियाँ और पेड़ शामिल होते हैं।) से संबंधित है। इसे भारतीय जिनसेंग या शीतकालीन चेरी के नाम से भी जाना जाता है।

ashwagandha benefits in hindi, ashwagandha in hindi, ashwagandha powder benefits in hindi, ashwagandha side effects in hindi

यदि अश्वगंधा के शाब्दिक अर्थ की बात करें तो यह संस्कृत से लिया गया है। संस्कृत में, अश्वगंधा शब्द का अर्थ होता है “घोड़े की गंध”, जो संभवतः शक्ति बढ़ाने के रूप में इसके तेज छोटे और संभावित गुणों के संदर्भ में है।

कई शताब्दियों से अश्वगंधा के उपयोग के कारण आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में जिज्ञासा पैदा हुई, जिससे वैज्ञानिकों में इस पौधे के औषधीय गुणों की जांच में रुचि पैदा हुई। प्रारंभिक अध्ययनों ने संभावित चिकित्सीय क्षमताओं की उपस्थिति का संकेत दिया और इस पौधे के रासायनिक घटकों में किसी प्रकार की विषाक्तता नहीं दिखाई दी।

एक अध्ययन के अनुसार अश्वगंधा में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडाइजिंग, एंटी-स्ट्रेस, नींद लाने वाली और ड्रग विदड्रॉल गुण होते हैं। इस जड़ी बूटी से बनने वाले कई यौगिकों से गठिया और आमवात (rheumatism) जैसे मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं में सुधार होता है। यह एक टॉनिक के रूप में भी काम करता है जो ऊर्जा को बढ़ाता है और समग्र स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करता है।

आज, अश्वगंधा एक अर्क या पाउडर के रूप में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है और इसका उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है।

अश्वगंधा का इतिहास और उपज का स्थान – History of Ashwagandha in Hindi

अश्वगंधा का इतिहास अनिवार्य रूप से आयुर्वेद के इतिहास के साथ जुड़ा हुआ है, क्योंकि इसे सबसे महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक माना जाता है। आयुर्वेद एक संस्कृत शब्द है जहाँ अयुर का अर्थ है “जीवन” और वेद का अर्थ है “जानना”।

अश्वगंधा एक सदाबहार झाड़ी है जो भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में उगती है। औषधीय प्रयोजनों के लिए इसकी जड़ों और नारंगी-लाल फल का उपयोग सैकड़ों वर्षों से किया गया है।

अश्वगंधा का सेवन और मात्रा

अश्वगंधा का सेवन या खुराक का उपयोग उस स्थिति पर निर्भर करता है जिसका आप इलाज करने की कोशिश कर रहे हैं। इसकी कोई विशिष्ट मानक खुराक नहीं है जिसका उल्लेख किसी आधुनिक अध्ययन द्वारा किया गया हो।

अश्वगंधा का उपयोग 450 मिलीग्राम से 2 ग्राम तक के खुराक में अश्वगंधा पाउडर के रूप में किया जा सकता है। आप इसे कैप्सूल, पाउडर या स्वास्थ्य भोजन या सप्लीमेंट के रूप में ले सकते हैं।

सामान्यतः दिन में 1-2 चम्मच या 5-6 ग्राम पाउडर लेने की सलाह दी जाती है और यदि आप इसे किसी विशिष्ट बीमारी के लिए ले रहें हैं तो अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

Ashwagandha Benefits in Hindi – अश्वगंधा के फायदे

बहुत से आधुनिक अध्ययनों से पता चला है कि अश्वगंधा कई प्रकार से मनुष्य स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद  (ashwagandha benefits in hindi) हो सकता है। आइये अश्वगंधा के फायदों पर नजर डालते हैं –

1. ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है अश्वगंधा

अश्वगंधा का उपयोग लंबे समय से आयुर्वेदिक चिकित्सा में डायबिटीज के उपचार के लिए किया जाता रहा है। एक रिसर्च के अनुसार अश्वगंधा की जड़ों और पत्तियों में पाए जाने वाले फ्लेवोनोइड्स का उपयोग डायबिटीज को ठीक करने के लिए किया जाता है। इस रिसर्च से यह निष्कर्ष निकाला गया कि अश्वगंधा में एंटीडायबिटिक और एंटीहाइपरलिपिडेमिक गुण होते हैं जो ब्लड शुगर के लेवल को काफी कम कर देते हैं।

2. कैंसर से लड़ने में सहायक होता है अश्वगंधा:

एक नेचुरोपैथिक डॉक्टर, मैरी विंटर्स ने अपने एक अध्ययन शोध में अश्वगंधा के लिए विशिष्ट टिप्पणी की। उनके अनुसार अश्वगंधा में कैंसर समाप्त करने के गुण होने के कारण, अश्वगंधा को विकिरण चिकित्सा और कीमोथेरेपी के साथ मिलकर ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में एक नया अविष्कार किया जा सकता है। इसके अलावा यह काफी प्रसिद्ध इसलिए भी है क्योंकि यह ट्यूमर सेल-हत्या गतिविधि में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप किये बिना कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जाना जाता है।

3. कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करता है अश्वगंधा

कार्बनिक अश्वगंधा (Ashwagandha in Hindi) की जड़ों में, एंटी इन्फ्लैमटॉरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो, हृदय संबंधी समस्याओं के लिए अच्छा होता है। यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखता है। वर्ल्ड जर्नल ऑफ मेडिकल साइंसेज द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार इसमें हाइपोलिपिडेमिक गुण होते हैं जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नीचे लाने में मदद करते हैं।

4. तनाव दूर करता है अश्वगंधा

अश्वगंधा का अर्क शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को कम करने के काम आता है और इस प्रकार यह इसमें उपस्थित एंटी-स्ट्रेस गुण को दर्शाता है। अगर कहा जाये तो यह परंपरागत रूप से, किसी भी व्यक्ति को सुखदायक और शांत प्रभाव प्रदान करने के लिए जाना जाता है। इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि अश्वगंधा के हर्बल अर्क के साथ इलाज किए जाने पर कई प्रकार के तनाव को सहा जा सकता है।

5. एंग्जायटी दूर करता है अश्वगंधा

अश्वगंधा से एंग्जायटी कम करने में मदद मिलती है। भारत में, प्राकृतिक अश्वगंधा का उपयोग पारंपरिक रूप से आयुर्वेद में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों में सुधार के लिए किया जाता है। भारत के चिकित्सा विज्ञान संस्थान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में, अश्वगंधा का परीक्षण विशेष रूप से डिप्रेशन के लिए किया गया और इस अध्ययन में लगभग डिप्रेशन और एंग्जायटी के लिए सकारात्मक परिणाम पाए गए।

एंग्जायटी की दवा लोरज़ेपम (एक शामक और एंग्जायटी की दवा) की तुलना में अश्वगंधा एंग्जायटी के लक्षणों पर काफी अच्छा प्रभाव डालता है।

इसे भी पढ़ें: Depression Meaning in Hindi – डिप्रेशन के कारण, लक्षण और इलाज

6. पुरुषों में प्रजनन क्षमता बढ़ाता है अश्वगंधा

टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने के अलावा, अश्वगंधा वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करने में भी मदद करता है। अमेरिकन सेंटर फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन द्वारा प्रकाशित 2010 के एक वैज्ञानिक अध्ययन ने संकेत दिया कि अश्वगंधा एक कामोद्दीपक के साथ-साथ शुक्राणुओं की संख्या और शुक्राणु की गतिशीलता में वृद्धि करके वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि, कई शताब्दियों से, लोग बिस्तर में अपने साथी को खुश करने के लिए एक दवा के रूप में इसका उपयोग करते आ रहे हैं।

7. गठिया रोग से निजात दिलाता है अश्वगंधा

अश्वगंधा को एक दर्द निवारक के रूप में जाना जाता है जो दर्द संकेतों को तंत्रिका तंत्र पर भेजने से रोकने के लिए कार्य करता है। साथ ही इसमें कुछ एंटी इन्फ्लैमटॉरी गुण भी होते हैं। इसी कारण से, कुछ शोधों ने इसे गठिया के विभिन्न रूपों के उपचार में प्रभावी होना दिखाया है।

8. मसल वृद्धि में सहायक

अश्वगंधा को निचले अंगों की मांसपेशियों की ताकत में सुधार करने और कमजोरी को ठीक करने में मदद करने के लिए उपयोगी पाया गया है। यह न्यूरो-मांसपेशियों के समन्वय पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।

9. इम्युनिटी बढ़ाता है अश्वगंधा

बहुत से शोधों से पता चला है कि अश्वगंधा के सेवन से इम्यून सिस्टम रिएक्टिविटी का महत्वपूर्ण मॉड्यूलेशन हुआ और इम्यूनोस्प्रेसिव ड्रग्स से प्रेरित चूहों में मायलोस्पुप्रेशन को रोका गया। अश्वगंधा कैप्सूल लाल रक्त कोशिका, श्वेत रक्त कोशिका और प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं।

इसे भी पढ़ें: Immunity Meaning in Hindi – इम्युनिटी क्या है? और इसे कैसे बढ़ाया जाता है?

10. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है अश्वगंधा

अश्वगंधा से हृदय स्वास्थ्य के लिए कई तरह के फायदे हो सकते हैं, जिसमें कुछ उपचार भी शामिल है:

  • उच्च रक्त चाप
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल
  • छाती में दर्द
  • दिल की बीमारी

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आयुर्वेद रिसर्च में प्रकाशित एक मानव अध्ययन में पाया गया कि हृदय स्वास्थ्य के लिए जड़ी बूटी का उपयोग करना (एक अन्य आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के साथ संयोजन में) मांसपेशियों की ताकत और धीरज में सुधार करने में सहायक था।

11. एंटी बैक्टेरियल गुण होते हैं अश्वगंधा में

आयुर्वेदिक चिकित्सा ग्रंथों के अनुसार, अश्वगंधा मनुष्यों में बैक्टीरिया के संक्रमण को नियंत्रित करने में प्रभावी है। भारत के इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी द्वारा 2011 में किए गए एक अध्ययन और वैकल्पिक चिकित्सा समीक्षा में प्रकाशित अध्ययन से पता चला कि अश्वगंधा में एंटी बैक्टेरियल गुण होते हैं।

साथ ही यह भी निष्कर्ष निकाला गया कि जब अश्वगंधा का सेवन मौखिक रूप से किया जाता है तो यह यूरिनोजेनिटल, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और श्वसन पथ के संक्रमण में भी काफी प्रभावी होता है।

12. अश्वगंधा ब्रेन फंक्शन में सुधार कर सकता है, जिसमें मेमोरी भी शामिल है

बहुत से अध्ययनों से पता चलता है कि अश्वगंधा, किसी चोट या बीमारी से होने वाली मेमोरी और ब्रेन की समस्याओं को सही करने में काफी सहयोग करता है। इसके अलावा बहुत से शोधों से यह भी पता चला है कि यह एंटीऑक्सिडेंट गतिविधि को बढ़ावा देता है जो तंत्रिका कोशिकाओं को हानिकारक मुक्त कणों से बचाता है।

50 वयस्कों पर आठ सप्ताह तक किये गए एक अध्ययन से पता चला कि 300 मिलीग्राम अश्वगंधा की जड़ का अर्क दिन में दो बार लेने से सामान्य याददाश्त, कार्य प्रदर्शन और ध्यान में सुधार हुआ।

इसे भी पढ़ें: माइग्रेन के घरेलू इलाज – Migraine Ka Ilaj Ki Home Remedies

Side Effects of Ashwagandha in Hindi – अश्वगंधा के नुकसान

आमतौर पर अश्वगंधा की बहुत कम या मध्यम खुराक लेना शरीर और स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। लेकिन इसकी अधिक मात्रा लेने से कुछ नुकसान भी हो सकते है। आइये जानते हैं अश्वगंधा के नुकसान के बारे में –

  • गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम: गर्भवती महिलाओं को अश्वगंधा के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसमें गर्भनिरोधक गुण होते हैं।
  • मेडिकल इंटरैक्शन का जोखिम: यदि आप किसी बीमारी के लिए दवाएं ले रहें हैं तो आपका डॉक्टर आपको सावधानी बरतने की सलाह दे सकता है क्योंकि यह नियमित दवाओं के साथ नुकसानदायक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, एंग्जायटी, अवसाद या डिप्रेशन और अनिद्रा जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं।
  • अन्य: अश्वगंधा की बहुत अधिक मात्रा में सेवन से बचें, क्योंकि इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं जैसे कि दस्त, पेट खराब और मतली।

अश्वगंधा का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है, जिसके दौरान इसे कई चिकित्सीय उपहारों के साथ एक शक्तिशाली जड़ी बूटी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। आज, लोगों के पास इस जड़ी बूटी से मिलने वाले लाभों की सीमा को पूरी तरह से समझने के लिए संसाधन हैं, खासकर जब यह संज्ञानात्मक-बढ़ाने वाले लाभों की बात आती है।

यह याद रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि अश्वगंधा को आपके चिकित्सक द्वारा निर्धारित किसी भी चिकित्सा उपचार से नहीं बदला जाना चाहिए। यदि आप अपने इलाज के रूप में जड़ी बूटी का उपयोग करना चुनते हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से चर्चा अवश्य करें।

अधिक जानकारी और मुफ़्त व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए, क्रेडीहेल्थ चिकित्सा विशेषज्ञों से बात करने के लिए यहां क्लिक करे।

कॉल बैक का अनुरोध करें

Need Guidance in choosing right doctor?

REQUEST CALLBACK