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Chikungunya in Hindi – चिकनगुनिया के कारण, इलाज

विशेषज्ञों के अनुसार, चिकनगुनिया (Chikungunya in Hindi) जो एडीस इजिप्ती मच्छर से फैलता है, अगले कुछ वर्षों में उत्तर भारत के लोगों को दक्षिण भारत की तुलना में अधिक प्रभावित करेगा। विगत वर्षों के आँकडो को देखा जाये तो करीवन 64000 मामलों में से केवल 18000 मामले ही दक्षिण भारत से थे बाकी 46000 मामले उत्तर भारत में पाए गये थे। चूँकि चिकनगुनिया (Chikungunya in Hindi) और डेंगू के लक्षण सामान्यतः एक जैसे होते है, जिस कारण अधिक्तर लोग चिकनगुनिया को पहचानने में धोखा खा जाते हैं, परिणामस्वरूप चिकनगुनिया के मामले विगत वर्षों में अधिक सामने आये है। आइये इस लेख के माध्यम से इस विषय पर और चर्चा करते हैं।

चिकनगुनिया क्या है?- Chikungunya in Hindi

चिकनगुनिया (Chikunguniya in Hindi) एक वायरल डिसीज़ है जो मच्छरों के काटने से फैलती है, मादा मच्छर ( Aedes Aegypti और Aedes albopictus) मच्छर की प्रमुख प्रजातियाँ हैं जो इस बीमारी को फैलाती हैं। 1952 में पहली बार चिकनगुनिया दक्षिणी तंजानिया में हुई थी, उसके बाद अब ये बीमारी करीबन ६० से अधिक देशों में फैल चुकी है। एक बार फैलने के बाद अक्सर यह बीमारी 7-8 साल के इंटरवल के बाद दुबारा फैलती है। जैसे की अगर आपको पता हो तो, दिल्ली में 2010 में चिकनगुनिया फैला था और इस समय 2016 से यह एक बार फिर चर्चा में है। बुखार और जोड़ों का दर्द इसके मुख्य लक्षणों में सम्मलित हैं, अगर सही समय पर चिकनगुनिया का इलाज (Chikungunya ka ilaj) न किया जाये तो यह भयंकर जोड़ों के दर्द का कारण बन सकता है। इसके रोगियों को भयंकर जॉइंट पेन से गुजरना पड़ता है और ऐसे में वे ठीक से चल नहीं पाते और अक्सर झुक-झुक कर चलते हैं, यही कारण है की इस बीमारी को चिकनगुनिया (Chikungunya in Hindi) का नाम दिया गया।

चिकनगुनिया के फैलने का कारण- Causes of Chikungunya

Chikungunya in Hindi
                   Spray to Kill Mosquito

वैसे तो चिकनगुनिया के फैलने का मुख्य कारण मच्छर ही होते हैं किन्तु कई बार हम इस बीमारी को भृमवश डेंगू (Dengue in Hindi) समझकर इसे अनदेखा कर देते हैं परिणामस्वरूप चिकनगुनिया के केस आजकल ज्यादा आने लगे हैं। चिकनगुनिया के फैलने का अन्य कारण एक और है जो इस प्रकार है- जब चिकनगुनिया (Chikungunya in Hindi) से ग्रसित किसी आदमी को कोई मच्छर काटता है और फिर वही मच्छर किसी और आदमी को काट लेता है तो दुसरे व्यक्ति को भी चिकनगुनिया हो जाता है। मादा मच्छर Aedes Aegypti और Aedes albopictus मच्छर की प्रमुख प्रजातियाँ हैं जो इस बीमारी को फैलाती हैं । ये मच्छर दिन में काटते हैं। चिकनगुनिया का वायरस carry करने वाला एक मच्छर अपने जीवन काल में करीब 1 दर्जन लोगों को प्रभावित कर सकता है। सामान्यतः चिकनगुनिया (Chikungunya in Hindi) जानलेवा नहीं होता पर चिकनगुनिया के इलाज (Chikunguniya ka ilaj) के बाद भी इससे होने वाला जोड़ों का दर्द कई महीनों तक परेशान करता है ।

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चिकनगुनिया के इलाज के लिए क्या करें- Chikungunya ka Ilaj

चिकनगुनिया के इलाज के लिए कोई खास वैक्सीन या दवाई नहीं है किन्तु ब्लड टेस्ट की सहायता से चिकनगुनिया को पहचाना जा सकता है। इसके लक्षणों के आधार पर ही चिकनगुनिया का इलाज (Chikunguniya ka Ilaj) चलता है, कुछ इलाज इस प्रकार हैं-

Chikungunya ka ilaj दवाइयों की सहायता से-

जैसा की हम पहले ही बता चुके हैं की इसके इलाज  के लिए कोई खास दवा नही है, किन्तु जोड़ों के दर्द के लिए और बुखार के लिए आप दवाई ले सकते हैं-

  • आप जोड़ों के दर्द के लिए painkillers (Nonsteroidal anti-Inflammatory drug)ले सकते हैं ।
  • बुखार के लिए acetaminophen (Tylenol) or paracetamol का प्रयोग करें ।
  • बुखार के लिए दवा का प्रयोग करते समय ये ध्यान रखें की Aspirin का सेवन न किया जाये।
  • साथ साथ किसी अच्छे डॉक्टर को अवश्य दिखाए।

Chikungunya ka ilaj घरेलू नुस्खों की सहायता से-

दवाइयों के साथ-साथ (Chikungunya ka Ilaj) आप घर पर भी कर सकते हैं, कुछ घरेलू नुस्खे इस प्रकार हैं- Chikungunya treatment home remedies

  • शहद और नीबू का मिश्रण लेने से इस बीमारी में आराम मिलता है।
  • बुखार कम करने के लिए तुलसी का प्रयोग करें।
  • खूब आराम करें, अधिक सोयें और खूब पानी पीयें।
  • एक healthy diet maintain करें और ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें।
  • चिकनगुनिया (chikungunya in Hindi) से छुटकारा पाने के लिए हमारा immune system काफी है, पर खुद को आराम देकर आपको अपनी body को सपोर्ट करना होगा।
  • चिकनगुनिया बुखार के दौरान नॉन-वेज खाना avoid करना चाहिए।
  • जोड़ों के दर्द के लिए नारियल तेल से हल्की-हल्की मालिश की जा सकती है।
  • गाजर के जूस का सेवन करने से body की immunity बढती है और शरीर को आराम मिलता है।
  • जिन जोड़ों में दर्द है उनसे हलकी exercise करना भी दर्द को कम करता है।

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चिकनगुनिया (Chikungunya in Hindi) से बचने के लिए आवश्यक है कि इसके लक्षणों को पहचाने, और इसे डेंगू समझकर गलत इलाज न करायें। उचित उपचार और देखरेख करके चिकनगुनिया से बचा जा सकता है और इससे होने वाले जोड़ों के दर्द का समय रहते इलाज किया जा सकता है।