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Mouth Cancer Symptoms in Hindi – मुँह के कैंसर के लक्षण और होने के कारण

भारत में मुँह का कैंसर या ओरल कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसर (सभी कैंसर का 11.28 %) है और महिलाओं के बीच पाँचवा सबसे अधिक होने वाला कैंसर (सभी कैंसर का 4.3%) है इसके अलावा दोनों पुरुष और महिलओं में तीसरा सबसे अधिक होने वाला कैंसर है। मुँह के कैंसर (Mouth Cancer in Hindi or Mouth Cancer Symptoms in Hindi) को ओरल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है और यह मुँह की सेल्स के अनियंत्रित विकास की वजह से होता है जिसमे जीभ, होंठ, गाल, मुंह का निचला हिस्सा, साइनस और गला शामिल होते हैं।

मुँह का कैंसर मुँह में कहीं भी, जीभ पर, होंठ पर, गालों के अन्दर, मुंह के ऊपरी या निचली सतह पर और सलीवरी ग्लैंड कहीं भी हो सकता है। शुरूआती दिनों में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते पर धीरे धीरे यह बढ़ता जाता है। जिन लोगों को कैंसर होता है, उनके लिए मुंह के कैंसर के बारे में पूरी जानकारी नीचे दी गयी है।

मुंह का कैंसर – Mouth Cancer in Hindi

मुंह का कैंसर गले और सिर के कैंसर का एक प्रकार होता है और अक्सर उनके जैसे ही इसका इलाज किया जाता है। मुँह का कैंसर (Mouth Cancer in Hindi) ज्यादातर 40 साल की उम्र के बाद होता है, और पुरुषों में महिलाओं की तुलना में इसके होने का खतरा अधिक होता है। भारत में इस साल मुंह के कैंसर के कुल 77,003 नए मामले दर्ज (Cases of Mouth Cancer in Hindi) हुए हैं और 52,067 व्यक्तियों की मौतें हो चुकी हैं। मुंह के कैंसर का पता तब चलता है जब यह आपके गर्दन की लिम्फ नोड्स में फ़ैल जाता है और अगर ओरल कैंसर को सही समय से पहचान लिया जाये तो जान का खतरा कम रहता है।

मुँह के कैंसर में निम्नलिखित शामिल हैं-

  • होंठों का कैंसर
  • जीभ का कैंसर
  • गाल के भीतरी हिस्सा में कैंसर
  • मसूड़ों का कैंसर
  • मुंह के निचले हिस्से का कैंसर

मुंह के कैंसर के लक्षण दिखते ही अपने डेन्टिस्ट के पास जाना चाहिए। डेन्टिस्ट के मुताबिक कम से कम साल में 2 बार अपने मुँह का चेकउप अपने डेन्टिस्ट से करायें। आइये इसके लक्षणों, खतरे, इसकी स्टेजेस के बारे में और जानते हैं।

मुंह के कैंसर के लक्षण – Mouth Cancer Symptoms in Hindi

मुँह के कैंसर की शुरूआती स्टेजेस में इसका पता नहीं चलता पर और न ही इसके कोई लक्षण दिखाई देते हैं, पर जो लोग डेली बेसिस पर धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं उन्हें समय-समय पर अपने डेंटिस्ट से अपने मुंह की जाँच कराते रहना चाहिए। मुंह के कैंसर या ओरल कैंसर (Oral Cancer: How Can I Quit Smoking?) के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं-

Mouth Cancer Symptoms in Hindi

  • होंठ या मुंह पर न ठीक होने वाला छाला
  • मुंह के किसी हिस्से का बढ़ना
  • मुंह से खून आना
  • दांत ढीले हो जाना
  • मुंह में दर्द या खाना निगलने में कठिनाई
  • गर्दन में अचानक गांठ हो जाना
  • कान में दर्द होना
  • अचानक से वजन घटना
  • होंठ, चेहरा, गर्दन, या ठोड़ी सुन्न हो जाना
  • मुंह या होंठ में लाल और सफेद पैच हो जाना
  • गले में खराश
  • मुंह ड्राय हो जाना
  • जबड़ा में दर्द या कठोरता
  • जीभ में दर्द होना

यधपि इन लक्षणों के होने का यह मतलब नहीं है की आपको मुंह का कैंसर है पर आपको अपने डेंटिस्ट से अवश्य जाँच करनी चाहिए और सलाह लेकर समय- समय पर चेकअप कराते रहना चाहिये। इनमें से कुछ लक्षण, जैसे गले में या कान दर्द, किसी और बीमारी का भी संकेत दे सकते हैं। हालांकि, अगर आप इनमें से किसी भी लक्षण  को देखते हैं, खासकर अगर वे प्राथमिक इलाज भी दूर नहीं होते हैं या एक समय में एक से अधिक लक्षण (Mouth Cancer ke Lakshan) होते हैं, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें, और जल्द से जल्द अपने डेन्टिस्ट या डॉक्टर से मिलें और अपना सही इलाज कराएं।

मुँह के कैंसर के कारण 

  • धूम्रपान: धूम्रपान मुंह के कैंसर (Mouth Cancer in Hindi) के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार होता है और सिगरेट, सिगार, या पाइप धूम्रपान करने वाले लोगों में मुंह के कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है।
  • तंबाकू के सेवन से: आप किसी भी रूप में अगर तम्बाकू कहते हैं तो यह भी मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण बन सकता है।
  • अधिक मात्रा में शराब पीना।
  • परिवार के इतिहास की वजह से भी मुंह के कैंसर का खतरा हो सकता है।

मुँह के कैंसर की स्टेजेस 

मुँह के कैंसर की स्टेजेस (Stages of Mouth Cancer in Hindi) कुछ इस प्रकार बढ़ती हैं-

  1. स्टेज 1: इस स्टेज में ट्यूमर 1 इंच से कम का होता है और पास के लिम्फ नोड्स तक नहीं पहुँचता है।
  2. स्टेज 2: ट्यूमर 1 से 2 इंच तक बढ़ जाता है और पास के लिम्फ नोड्स तक नहीं पहुँचता है।
  3. स्टेज 3: इस स्टेज में ट्यूमर करीबन २ इंच तक बढ़ जाता है पर फैलता नहीं है या तो यह 1 इंच से ज्यादा नहीं बढ़ता पर पास के लिम्फ नोड तक फ़ैल जाता है।
  4. स्टेज 4: इस स्टेज में कैंसर मुंह में फ़ैल जाता है और कैंसर मुंह, होंठ, और संभवतः पास के लिम्फ नोड्स के आसपास के टिश्यू को प्रभावित करता है; या यह शरीर के बाकी हिस्सों में फैल जाता है।

कैंसर की स्टेजेस यह बताती है कि इसका इलाज कैसे किया जा सकता है साथ ही ठीक होने की कितनी संभावना होगी यह भी बताता है।

मुंह के कैंसर का इलाज 

मुंह के कैंसर के लिए कुछ सामान्य इलाज इस प्रकार हैं:

सर्जरी: इस प्रक्रिया में ट्यूमर को पूरे मुंह से निकालने के लिए ऑपरेशन करना पड़ता है। जिस जगह पर ट्यूमर होता है उसे आसानी से निकल लिया जाये इसलिए गर्दन या जबड़े में छोटा सा चीरा लगाया जाता है। जब ट्यूमर को सर्जरी के द्वारा हटा दिया जाता है, उसके बाद मुंह के उस हिस्से का पुनर्निर्माण किया जाता है। इन मामलों में, सर्जन पेडिकल या फ़्री फ्लैप पुनर्निर्माण कर सकते हैं।

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रेडिएशन थेरेपी: रेडिएशन थेरेपी में रेडिएशन तकनीक के द्वारा मुंह के उस स्थान का इलाज किया जाता है जहाँ कैंसर फ़ैल चुका होता है और हेल्दी टिस्सु को उस जगह पर फैलाया जाता है। बाहरी बीम रेडिएशन थेरेपी (ईबीआरटी) और ब्रैचीथेरेपी, ये दोनों रेडिएशन थेरेपी में सबसे आम हैं जो मुंह के कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।

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कीमोथेरेपी: अक्सर रेडिएशन थेरेपी के साथ केमोथेरेपी पूरे शरीर में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल की जाती है जिसमे एंटीसेन्सर दवाओं का उपयोग करके कैंसर को दूर किया जाता है। विभिन्न केमोथेरेपी दवाओं को मिलाकर कैंसर सेल्स को अलग अलग स्टेजेस पर नष्ट किया जाता है।

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टार्गेटेड ड्रग थेरेपी: टार्गेटेड ड्रग थेरेपी कैंसरस सेल्स को उनकी जड़ से खतम करने के लिए सीधे प्रहार करती है और कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकती है। मुँह के कैंसर के इलाज के लिए यह थेरेपी कीमोथेरेपी और / या रेडिएशन थेरेपीदोनों के साथ इस्तेमाल की जा सकती है ।

मुँह के कैंसर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • लगभग 80% मुंह के कैंसर के मामले सिर्फ तंबाकू के उपयोग के कारण होते हैं।
  • मुंह के कैंसर होने की औसत आयु 50 साल है।
  • पुरुषों में मुँह के कैंसर की दर महिलाओं की तुलना में काफी अधिक है और ये दरें उम्र के साथ बढ़ती हैं।
  • अगर शुरुआत में ही मुँह के कैंसर के लक्षण (Mouth cancer ke Lakshan) पहचान क्र इसका इलाज करा लिया जाये तो 82% आपके बचने की उम्मीद बढ़ जाती है।
  • वही अगर एडवांस स्टेज में इसकी पहचान क्र इलाज करा लिया जाये तो सर्वाइवल रेट 27% तक होता है।

मुंह के कैंसर के लक्षण (Mouth Cancer Symptoms in Hindi) दिखते ही तुरंत डेंटिस्ट को दिखाना चाहिए और बिना देर किये इसका सही से इलाज कराना चाहिए। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि भारतीय लोग ओरल हेल्थ का कुछ विशेष ध्यान नहीं रखते जिसके चलते उन्हें काफी अधिक मात्रा में मुंह से सम्बंधित बिमारियों का सामना करना पड़ता है। मुँह की सभी प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास जाते रहना चाहिए और अपने मुँह और ओरल हेल्थ का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

इसके बारे में भी विस्तार से पढ़ें: Blood cancer in Hindi  और Brain tumor symptoms in Hindi

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