ब्लॉग » गर्भावस्था » Normal Delivery Tips in Hindi – नार्मल डिलीवरी के लिए क्या करें?

Normal Delivery Tips in Hindi – नार्मल डिलीवरी के लिए क्या करें?

Normal Delivery Tips in Hindi: एक बच्चे को जन्म देना एक महिला के सबसे प्राकृतिक अनुभवों में से एक है। लेकिन एक नार्मल डिलीवरी अक्सर जोखिम भरी और असहनीय दर्द का अनुभव माना जाता है। आप अपने गायनोकोलॉजिस्ट की सलाह और सही तरह के समर्थन प्रसवपूर्व अवधि में तैयारी के साथ, आप एक नार्मल डिलीवरी की उम्मीद कर सकते हैं, बशर्ते सीज़ेरियन के लिए कोई चिकित्सा संकेत न हो। जब बच्चे को जन्म देने के लिए नार्मल डिलीवरी नहीं होती है तब सीजेरियन सेक्शन डिलीवरी की जाती है जो सर्जरी की सहायता से होती है। परन्तु कुछ टिप्स की सहायता से आप नार्मल डिलीवरी (Normal Delivery in Hindi) के लिए अपने आपको तैयार कर सकती हैं। यहां इस लेख में हमने कुछ ऐसी ही लाभदायक और महत्वपूर्ण बातों को बताया है, जिन टिप्स की सहायता से आप अपनी संतान को नार्मल डिलीवरी की सहायता से इस दुनिया में ला सकती हैं। आइये जानते हैं क्या हैं वो टिप्स (Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi)?

Normal Delivery Tips In Hindi – नार्मल डिलीवरी के लिए कुछ टिप्स

जब आप सीजेरियन सेक्शन डिलीवरी की सहायता से अपनी संतान को जन्म देती हैं, तो उसके बाद आपको बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत पड़ती है और आजकल हमारी जिंदगी इतनी भागदौड़ भरी है कि कभी कभी हम अपना ध्यान नहीं रख पाते। इसलिए कोशिश कीजिये कि नार्मल डिलीवरी (Normal Delivery Tips in Hindi) की सहायता से ही अपनी संतान को जन्म दें। यहां हमने कुछ टिप्स दिए हैं जिनकी सहायता से आप नार्मल डिलीवरी (Normal Delivery in Hindi) करवा सकती हैं-

ऐसा डॉक्टर चुने जिसका नार्मल डिलीवरी रेट अधिक हो -Normal Delivery Tips in Hindi

जब गायनोकोलॉजिस्ट पर निर्णय लेने की बात आती है, तो अपने डॉक्टर से उसके सीज़ेरियन दर के बारे में पूछें और नार्मल डिलीवरी (Normal Delivery Tips in Hindi) के लिए अपनी प्राथमिकता को स्पष्ट करें। इसके अलावा अपनी अन्य महिला साथियों से भी बात करें, यदि उनके डॉक्टर ने ज्यादातर नार्मल डिलीवरी (Normal Delivery in Hindi) की हों तो उस डॉक्टर को ही प्राथमिकता दें।

जाने नार्मल डिलीवरी के फ़ायदे- Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi

Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi: नार्मल डिलीवरी माँ और उसके बच्चे दोनों के ही लिए लाभदायक होती है यदि आपका पहला बच्चा सीजेरियन सेक्शन डिलीवरी से होता है तो यह आपके दूसरे बच्चे के जन्म के समय या किसी सर्जरी के दौरान समस्या बन सकता है और जो बच्चे नार्मल डिलीवरी (Normal Delivery Tips in Hindi) से होते हैं उन्हें जन्म के समय श्वसन समस्याओं के कम जोखिम होते हैं। बाद में जीवन में मधुमेह, अस्थमा और मोटापे के विकास के भी उनके पास कम जोखिम है।

अपने वजन का ध्यान रखें और नियमित एक्सरसाइज करें- Normal Delivery Tips in Hindi

प्रेगनेंसी – Symptoms of Pregnancy in Hindi के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका वजन ज्यादा न बढे। आपको आवश्यक और अतिरिक्त कैलोरी गर्भावस्था से पहले आपके वजन पर निर्भर करती है और आम तौर पर 200-300 KCal की रेंज में होती है।

“हर दिन व्यायाम करना न भूलें। यदि आप ज्यादा मेहनत नहीं कर सकती, तो 10-15 मिनट की पैदल दूरी से शुरू करें और धीरे-धीरे इसे 40 मिनट तक बढ़ाएं। अभ्यास आपको नार्मल डिलीवरी के लिए सहनशक्ति का निर्माण करने में मदद करता है।

“Eating for two’ is actually just a myth”

जन्म देते समय साथ रहने के लिए एक साथी चुने- Normal Delivery Tips in Hindi

किसी ऐसे साथी को चुनिए जो पूरे समय लेबर रूम में आपके साथ रह सके। वो आपका पति हो सकता है या कोई भी जिसके ऊपर आप विश्वास करती हों। इसके लिए आपके साथी को भी पहले से तैयार होना पड़ेगा और उसके लिए आपके साथी को मालिश करने के तरीके, लेबर में एक्सरसाइज कैसे करें, भावनात्मक समर्थन प्रदान करना, ये सभी सीखना पड़ेगा।

अपने आप पर भरोसा करें- Normal Delivery Tips in Hindi

एक महिला की बॉडी को इस प्रकार बनाया गया है जिससे वो किसी बच्चे को जन्म दे सके, लेबर एक्सरसाइज करें, गहरी सांस लेने का अभ्यास करें, और बच्चे पर ध्यान दें। पुराने जमाने में महिलाएं अपने घरों में ही अपने परिवार के सदस्यों के समर्थन के साथ बच्चों को जन्म देती थी। अधिकतर महिलाएं जो अपने आपको मानसिक रूप से तैयार कर लेती हैं, और अपने ऊपर यकीन रखती हैं बिना किसी परेशानी के वो नार्मल डिलीवरी (Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi) की सहायता से ही अपने बच्चे को जन्म देती हैं। सामान्य जन्म, सामान्य ही होता है, इसलिए अपने पर पूरा यकीन रखें।

Dietary Tips for Normal delivery in Hindi – नार्मल डिलीवरी के लिए क्या खाएं?

बहुत सी महिलाएं प्रेगनेंसी के शुरू के 3 महिनो में मॉर्निंग सिकनेस महसूस करती है और साथ ही उनके खाने पीने में भी कमी आ जाती है। चूंकि पहले 3 महिनों में जी मिचलाने – Nausea Meaning in Hindi की समस्या बहुत आम होती है इसलिए कम भूख लगना काफी आम है और इसे काफी सारी महिलाये महसूस भी करती हैं पर यह कोई चिंता का विषय नहीं है। परन्तु प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में भोजन अच्छे ढंग से करना चाहिए। प्रेगनेंसी (Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi) के दौरान भोजन से सम्बंधित कुछ टिप्स नीचे दी गयी हैं जो इस प्रकार हैं-

अच्छा भोजन करें

इस दौरान अपने डॉक्टर द्वारा बनाई गए डाइट चार्ट को ही अपनाएं। अपने 50 % भोजन में फल और सब्जियां होनी चाहिए, जबकि शेष में दुबला प्रोटीन (दाल, दूध, पनीर इत्यादि) और पूरे अनाज शामिल होना चाहिए। 3-4 घंटे के दौरान छोटा छोटा भोजन लें और ध्यान रहे प्रेगनेंसी के दौरान कभी भी भोजन खाना न भूले।

पानी अच्छे से पियें

इस बात का विशेष ध्यान रखें की प्रेगनेंसी – Pregnancy Tips for Normal Delivery in Hindi के दौरान अपनी बॉडी को हाइड्रेटेड रखें उसके लिए जरुरी है की दिन में 7-8 गिलास पानी अवश्य पिए क्योंकि आपका बच्चा एमनियोटिक फ्लयूड में रहता है जो उसको ऊर्जा प्रदान करता है इसलिए दिन में पानी पीते रहें।
इसके बारे में भी विस्तार से पढ़ें: Pregnancy Test in Hindi