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महिलाओं में थायरॉइड के सम्भावित लक्षण और थायरॉइड का मतलब – Thyroid in Hindi

भारत में हृदय रोग और डायबिटीज (इसे भी पढ़ें: Is Diabetes Curable or Not ?) के बाद सबसे ज्यादा होने वाली बीमारियों में पहला नाम थायरॉयड का आता है।थायरॉयड हमारे गले में उपस्थित होता है जो थायरॉयड हार्मोन का उत्पादन करता है, जिससे हमारे शरीर की कई गतिविधियाँ नियंत्रित होती हैं, जैसे आप कितनी तेजी से कैलोरी बर्न करते हैं या आपके दिल की धड़कन कितनी तेज है। थायरॉयड के रोग के कारण हमारे शरीर में या तो बहुत अधिक या बहुत कम हार्मोन बनता हैं। आपका थायरॉयड कितना ज्यादा या कितना कम हार्मोन बनाता है, इस पर निर्भर करते हुए, आप अक्सर बेचैन या थके हुए महसूस कर सकते हैं, या आपका वजन कम हो सकता है या बढ़ सकता है। महिलाओं में पुरुषों की तुलना में थायरॉयड रोग (Thyroid in Hindi) होने की संभावना अधिक होती है, खासकर गर्भावस्था के बाद या रजोनिवृत्ति के बाद। आइये इस लेख की सहायता से जानते हैं कि महिलाओं में थायरॉयड किस प्रकार होता है, इसके लक्षण (Thyroid Symptoms in Hindi) क्या हैं और इसका इलाज (Thyroid Treatment in Hindi) क्या होता है। साथ ही जानिए Thyroid ka Gharelu Ilaj in Hindi.

महत्वपूर्ण तथ्य

  • थायरॉयड ग्रंथि गले में श्वांस नली के ऊपर उपस्थित होती है
  • थायरॉयड पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होता है
  • थायरॉयड ग्रंथि शरीर में मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा को नियंत्रित करती है, इसे मास्टर ग्रंथि के नाम से भी जाना जाता है
  • थायरॉयड (Thyroid in Hindi) मुख्य रूप से 2 प्रकार का होता है- हाइपरथायरायडिज्म और हाइपोथायरायडिज्म

थायरॉइड का अर्थ हिंदी में – Thyroid in Hindi

थायरॉयड मनुष्य की गर्दन के आधार पर एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है जिसका वजन लगभग 20 ग्राम होता है। थायरॉयड ग्रंथि को हमारे जटिल, एंडोक्राइन सिस्टम की मास्टर ग्रंथि के रूप में भी जाना जाता है। यह ग्रंथि मेटाबोलिज्म और ऊर्जा को नियंत्रित करती है। एंडोक्राइन सिस्टम हमारे शरीर की कई गतिविधियों के समन्वय के लिए जिम्मेदार होता है। यह ग्रंथि हमारे शरीर के चयापचय को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। जब थायरॉयड बहुत अधिक हार्मोन (हाइपरथायरायडिज्म) या पर्याप्त हार्मोन नहीं (हाइपोथायरायडिज्म) पैदा कर पाता है, तो कई अलग-अलग विकार उत्पन्न हो सकते हैं।थायराइड (Thyroid in Hindi) के चार सामान्य विकार हाशिमोटो रोग, ग्रेव्स रोग, गण्डमाला और थायराइड नोड्यूल्स हैं।

विभिन्न प्रकार के थायराइड विकार 0.8-5% आबादी में पाए जाते हैं और यह महिलाओं में पुरुषों की तुलना में 4 से 7 गुना अधिक आम हैं।

थायरॉइड के प्रकार – Types of Thyroid in Hindi

थायरॉयड ग्रंथि से उत्पन्न होने वाले हार्मोन के आधार पर थायरॉयड  मुख्य रूप से 2 प्रकार (Types of Thyroid in Hindi) का होता है-

  1. हाइपरथायरायडिज्म
  2. हाइपोथायरायडिज्म

हाइपरथायरायडिज्म

हाइपरथायरायडिज्म में, थायरॉयड ग्रंथि अति सक्रिय हो जाती है। इस प्रकार के थायरॉयड में हार्मोन का बहुत अधिक उत्पादन होता है। हाइपरथायरायडिज्म लगभग 1 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है। यह पुरुषों में कम आम है। हाइपरथायरायडिज्म का सबसे आम कारण ग्रेव्स रोग है, जो एक अतिसक्रिय थायरॉयड वाले लगभग 70 प्रतिशत लोगों को प्रभावित करता है। थायरॉयड पर गाँठ – यह भी एक स्थिति है जिसे विषैले गांठदार गण्डमाला या बहुकोशिकीय गण्डमाला कहा जाता है – यह थायरॉयड ग्रंथि के बहुत अधिक हार्मोन के उत्पादन के कारण बन सकता है।

हाइपोथायरायडिज्म

हाइपोथायरायडिज्म, हाइपरथायरायडिज्म के विपरीत होता है। इसमें थायरॉयड ग्रंथि अंडरएक्टिव हो जाती है, और यह हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाती। हाइपोथायरायडिज्म अक्सर हाशिमोटो रोग के कारण होता है, जिसका इलाज थायरॉयड ग्रंथि को सर्जरी की सहायता से हटाया जाता है, या विकिरण उपचार से इसको खत्म किया जाता है। हाइपोथायरायडिज्म के ज्यादातर मामले उतने गम्भीर नहीं होते हैं। कभी कभी यह अधिक गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय के रोग।

महिलाओं में थायरॉइड के लक्षण – Thyroid Symptoms in Women

थायरॉयड के प्रकार (Types of Thyroid in Hindi) के आधार पर इसके लक्षण (Thyroid Symptoms in Hindi) भी अलग अलग हो सकते हैं। कुछ विशेष लक्षणों के द्वारा महिलाओं में इस रोग का पता लगाया जा सकता है और सही समय पर लक्षणों को पहचान कर इसका इलाज (Thyroid Treatment in Hindi) किया जा सकता है। नीचे इस लेख में हमने बताया है कि महिलाओं में हाइपरथायरायडिज्म और हाइपोथायरायडिज्म की समस्या होने पर क्या क्या लक्षण हो सकते हैं-

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हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण

महिलाओं में हाइपरथायरायडिज्म के निम्न लक्षण (Symptoms of Hyperthyroidism in Hindi) शामिल हो सकते हैं:

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हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण

महिलाओं में हाइपोथायरायडिज्म के प्रारंभिक लक्षणों (Symptoms of Hypothyroidism in Women) में शामिल हो सकते हैं:

थायरॉइड महिलाओं को किस प्रकार प्रभावित करता है ? How Thyroid affect women in Hindi

पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थायरॉयड रोग (Thyroid in Hindi) होने की अधिक संभावना होती है। आठ में से एक महिला को अपने जीवनकाल में थायराइड की समस्या अवश्य होती है। कम से कम 1 महिला में, थायरॉयड के कारण ये रोग पैदा हो सकते हैं-

  1. मासिक धर्म के साथ समस्याएं: थायरॉयड रोग आपके मेंस्ट्रुअल साइकिल को नियंत्रित कर सकता है। बहुत अधिक या बहुत कम थायराइड हार्मोन आपके पीरियड्स को बहुत हल्का, बहुत ज्यादा या अनियमित बना सकता है। थायराइड की बीमारी (Disease of Thyroid in Hindi) आपके पीरियड्स को कई महीनों या उससे अधिक समय तक के लिए रोक सकती है, जिसे एमेनोरिया कहा जाता है। यदि आपका इम्यून सिस्टम थायरॉयड रोग का कारण बनता है, तो इससे आपकी ओवेरी सहित अन्य ग्रंथियां प्रभावित हो सकती हैं। इससे आपका मेनोपॉज़ या रजोनिवृत्ति (40 वर्ष की आयु से पहले) हो सकती है।
  2. प्रेग्नेंट होने में समस्या होना: जब थायरॉयड रोग मासिक धर्म चक्र या मेंस्ट्रुअल साइकिल को प्रभावित करता है, तो यह आपके ओव्यूलेशन को भी प्रभावित करता है। इससे आपको प्रेग्नेंट होने में कठिनाई हो सकती है।
  3. गर्भावस्था के दौरान समस्याएं: गर्भावस्था के दौरान थायराइड की समस्या माँ और बच्चे दोनों के लिए स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं।कभी-कभी, थायराइड की समस्याओं के लक्षणों (Symptoms of Thyroid in Hindi) को रजोनिवृत्ति के लक्षण समझ लिए जाते हैं। थायराइड रोग, विशेष रूप से हाइपोथायरायडिज्म, रजोनिवृत्ति के बाद विकसित होने की अधिक संभावना है।

थायरॉइड का इलाज – Thyroid Treatment in Hindi

थायरॉयड का इलाज इसके लक्षणों के आधार पर और इसके प्रकार के आधार पर किया जाता है, इसके सम्भव इलाज (Thyroid Treatment in Hindi) निम्न प्रकार हैं –

हाइपरथायरायडिज्म का इलाज

निम्न प्रकार के उपाय करके थायरॉयड हार्मोन का उत्पादन धीमा या पूरी तरह से रोका जा सकता है:

  • रेडियोधर्मी आयोडाइड उपचार
  • एंटी थायराइड दवा की सहायता से
  • सर्जरी

यदि आपका डॉक्टर यह निर्णय लेता है कि आपके थायरॉयड के लिए रेडियोधर्मी उपचार (Thyroid Treatmnet in Hindi) सबसे अच्छा है, तो वह आपको इसके लिए रेडियोधर्मी आयोडाइड की गोली या तरल दवाई देगा जो आपके थायरॉयड ग्रंथि को खत्म करने में मदद करेगी जिससे वे हार्मोन नहीं बना सके। कभी-कभी आपको हार्मोन के सामान्य उत्पादन को रोकने के लिए एक से अधिक उपचार की आवश्यकता हो सकती है। बहुत से लोग इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप हाइपोथायरायडिज्म विकसित कर लेते हैं।

एंटी-थायराइड दवाओं का उपयोग करना शुरू करने के करीब 6-8 सप्ताह में इसके लक्षण गायब होना शुरू हो जाते हैं। लेकिन आमतौर पर यह पूरी प्रक्रिया लगभग एक साल के लिए होती है। उसके बाद, आपका डॉक्टर जाँच करके आपकी दवाइयाँ रोक सकता है। दवाइयाँ बंद होने के बाद हार्मोन के स्तर को संतुलित रखने के लिए नियमित चेक उप कराते रहना चाहिए।

डॉक्टर आमतौर पर सर्जरी नहीं करते, जब तक कि आप प्रेग्नेंट न हों (क्योंकि प्रेग्नेंट महिलाएं एंटी-थायरॉयड दवा नहीं ले सकती हैं) या एक बड़ा गण्डमाला या कैंसर नोड्यूल हो।

हाइपोथायरायडिज्म का इलाज

जिस भी मनुष्य को हाइपोथायरायडिज्म होता है उन्हें अपने बाकी जीवन के लिए थायराइड हार्मोन प्रतिस्थापन लेना पड़ता है। थायरॉयड हार्मोन के धीमा हो जाने पर कोई सर्जरी, ड्रग्स या पूरक दवा आपके थायरॉयड (Thyroid in Hindi) को बढ़ावा/बूस्ट नहीं कर सकती है।

डॉक्टर आमतौर पर थायरॉयड हार्मोन के मानव निर्मित रूपों, जैसे लेवोथायरोक्सिन को प्रेस्क्राइब करते हैं। इसके दुष्प्रभाव दुर्लभ होते हैं, लेकिन कुछ लोगों को इन दवाओं को लेने से घबराहट या सीने में दर्द हो सकता है। यदि आप दवा की खुराक को समायोजित कर लेते हैं तो किसी भी अप्रिय प्रभाव से छुटकारा मिल सकता है।

थायरॉयड के लिए आहार और पोषण

प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयोडीन आपके थायरॉयड को सही से काम करने में मदद करते हैं। यह सुनिश्चित करें कि आप विटामिन बी, विटामिन ए और विटामिन सी से भरपूर आहार लें रहें हैं। यदि आपके सिस्टम में पर्याप्त आयोडीन नहीं है, तो सेलेनियम लेने से हाइपोथायरायडिज्म हो सकता है।

इन उत्पादों से बचें:

  • स्यूडोएफ़ेड्रिन (ओवर-द-काउंटर कोल्ड उपचार में पाया जाता है) घबराहट, अनिद्रा, सिरदर्द और उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है।
  • कैफीन, मॉर्फिन और कुनैन सहित अल्कलॉइड आपके रक्तचाप और हृदय गति को बढ़ा सकते हैं।

थायरॉयड का घरेलु इलाज – Thyroid Ka Gharelu Ilaj in Hindi

किसी भी दवाई या अन्य इलाज से पहले, आप भोजन को अपनी दवा बनायें और सभी संसाधित जंक फूड, चीनी (जो आपको एक हार्मोनल रोलरकोस्टर की सवारी पर भेजते हैं) और ग्लूटेन को बंद करें। इसके अलावा, एल-ग्लूटामाइन एक महत्वपूर्ण एमिनो एसिड है जो उच्च-ग्लाइसेमिक कार्बोहाइड्रेट के लिए cravings को कम करता है और चीनी की आदत को खत्म करने में मदद करता है। इसके अलावा थायरॉयड को ठीक करने के कुछ घरेलु उपाय (Thyroid ka Gharelu Ilaj in Hindi) यहां दिए गए हैं:

  • सप्ताह में 2 बार समुद्री वनस्पति अवश्य खाएं क्योंकि यह आयोडीन से भरपूर होती है।
  • बटर हमारे एंडोक्राइन सिस्टम के लिए बहुत अच्छा होते है, अपनी डाइट में बटर को शामिल करें।
  • यदि आप थायरॉयड से पीड़ित है या नहीं हैं, भोजन हमेशा आराम से, एक जगह बैठकर और अच्छे से चवा कर खायें।
  • योग आसन हमारे एंड्रोक्राइन सिस्टम को उत्तेजित और समर्थन कर सकते हैं। थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने के लिए सर्वांगसन विशेष रूप से फायदेमंद होता है।

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यदि आप थायरॉयड रोग के लक्षण (Thyroid Symptoms in Hindi) महसूस करते हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें, डॉक्टर आपके सभी टेस्ट करेगा और आपसे आपके लक्षणों के बारे में विवरण पूछेंगे, और आपके थायराइड (Thyroid in Hindi) के स्तर की जांच के लिए रक्त परीक्षण करेंगे। सौभाग्य से, ज्यादातर मामलों में, हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों का प्रभावी ढंग से इलाज (Thyroid Treatmnet in Hindi) किया जा सकता है।