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जानिए मस्सों के बारे में कुछ रोचक तथ्य

आपने देखा होगा कभी-कभी हमारे शरीर पर एक हल्के ब्राउन रंग या काले रंग की थोड़ी उभरी हुई त्वचा या मांस का दाना निकल आता है, उसे मस्सा कहते हैं। ये ज्यादातर बच्चों को होते हैं और बड़ों को भी हो सकते हैं। ये लगभग हजारों सालों से मनुष्यों को परेशान करते आ रहे हैं, या यूँ कहें कि इनकी उत्त्पत्ति करीबन 3000 साल पहले पुरानी मम्मीज़ से हुई थी जिसका वर्णन खुद शेक्सपियर ने किया था। यद्धपि ये Warts Meaning in Hindi – मस्से हानिकारक नहीं होते परन्तु ये देखने में बहुत ही भद्दे, बदसूरत, शर्मनाक और संक्रामक होते हैं। कभी कभी ये दर्ददायक भी होते हैं। आइये और जानते हैं क्या होते हैं मस्से (Warts in Hindi) और इनसे बचाव कैसे किया जाये।

Warts Meaning in Hindi – वार्ट्स का मतलब हिंदी में

Warts Meaning in Hindi – वार्ट्स को हिंदी में मस्से के नाम से जाना जाता है, ये एक तरह की उभरी हुई स्किन होती हैं जो कभी कभी काले रंग का या कत्थई रंग का होता है। इसके होने का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) होता है, इसके अलावा यह छूने से भी फैलता है। अब तक शायद आपको समझ आ गया होगा कि टोड्स (मेंढक) से वार्ट्स या मस्से के होना सिर्फ पुरानी कहानियाँ मात्र हैं। जब HPV वायरस त्वचा की इस बाहरी परत पर हमला करता है, तो आमतौर पर एक छोटे से खरोंच के माध्यम से भी यह त्वचा की बाहरी परत पर सेल्स की तेजी से वृद्धि का कारण बनता है और वार्ट (Warts in Hindi) बनाता है।

Types of Warts in Hindi – मस्सों के प्रकार हिंदी में

वैसे तो मस्सों (Warts Meaning in Hindi) के 10 से भी ज्यादा प्रकार होते हैं, फिर भी 5 प्रकार के वार्ट्स मुख्य होते हैं और काफी आम हैं। पांचों ही दिखने में अलग अलग तरह के होते हैं और शरीर के अलग अलग अंग पर निकलते हैं। इनके बारे में संक्षेप में हमने यह बताया है-

  1. कॉमन वार्ट्स या सामान्य मस्सा: इस तरह के मस्से ज्यादातर हाथ की उंगलियों और पैर की उंगलियों पर उगते हैं, पर इसके अलावा कहीं भी हो सकते हैं। ये दिखने में दानेदार और मोटे गोलाकार शीर्ष के साथ होते हैं। सामान्य मस्से आसपास की त्वचा की तुलना में भूरे रंग के होते हैं।
  2. प्लैंटर वार्ट्स: ये अक्सर पैरों के तलवों में बढ़ते हैं। अन्य मस्सों के विपरीत, प्लैंटर वार्ट्स त्वचा में बढ़ते हैं, त्वचा के बाहर नहीं। इस तरह के वार्ट्स के कारण आपको चलने में परेशानी हो सकती है।
  3. फ्लैट वार्ट्स: फ्लैट वार्ट्स आमतौर पर चेहरे, जांघों या बाहों पर बढ़ते हैं। ये दिखने में बहुत ही छोटे हैं और एकदम से इनकी और ध्यान नहीं जाता। फ्लैट वार्ट्स में एक फ्लैट टॉप होता है, जैसे कि उन्हें स्क्रैप किया गया हो। वे गुलाबी, भूरा, या थोड़ा पीले रंग के हो सकते है।
  4. फिलिफोर्म वार्ट्स: वार्ट्स का ये प्रकार आपके मुंह, नाक, गर्दन या ठोड़ी के चारों और बढ़ता है। इनका रंग हमारी त्वचा के रंग के जैसा ही होता है। ये भी अक्सर दिखने में छोटे होते हैं और त्वचा के छोटे फ्लैप या टैग के समान दिखते हैं।
  5. पेरींगुअल वार्ट्स: ये वार्ट्स पैर के अंगूठे के नाखूनों और उँगलियों के नाखूनों के चारों और बढ़ते हैं। वे दर्दनाक हो सकते हैं और नाखून की वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं।

How Do you get Warts in Hindi? – वार्ट्स किन किन कारणों से होता है?

बहुत से कारणों से आपको मस्से (Warts Meaning in Hindi) हो सकते हैं, वो सभी नीचे दिये गए हैं-

  • वार्ट्स एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं, टॉड या मेंढक से नहीं।
  • वार्ट्स फैलने का सबसे मुख्य कारण उस व्यक्ति से सीधे संपर्क में आना होता है जिसे पहले से वार्ट्स हो रखा हो।
  • एक छोटे से स्क्रैप या उँगलियों के नाखून काटने से भी वार्ट्स हो सकता है, यदि आपको एक जगह वार्ट्स हो गया है तो।
  • इसी प्रकार, शेविंग करते समय कट लगने से भी वायरस को बढ़ावा मिल सकता है।

“बच्चो को बड़ों की तुलना में मस्से ज्यादा होते हैं शायद ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम उतना मजबूत नहीं होता कि HPV वायरस से लड़ सके, इसलिए बच्चे जल्दी वार्ट्स का शिकार हो जाते हैं

Treatment for Warts in Hindi – वार्ट्स का इलाज

वैसे तो मस्से (Warts in Hindi) अपने आप और अपने समय से ही जाते हैं। फिर भी अगर आप इनका इलाज करना चाहते हैं या कराना चाहते हैं तो आप अपने डर्मेटोलॉजिस्ट या अपने घर पर ही इसका इलाज कर सकते हैं। इसके घरेलू उपाय और सामान्य इलाज इस प्रकार हैं-

Home Remedies for Warts – मस्सों को ठीक करने के घरेलू उपाय

आप अपने मस्से (Warts Meaning in Hindi) के इलाज के लिए घरेलू नुस्खे अपना सकती हैं परन्तु इन कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखें-

  • यदि किसी घरेलू इलाज में आपको नाखून फ़ाइलर या पुमिस पत्थर को रगड़ना पड़ता है, तो उसका उपयोग अपने शरीर के किसी अन्य हिस्से पर न करें, और किसी और को इसका इस्तेमाल करने की अनुमति न दें, क्योंकि मस्से संक्रामक होते हैं ये छूने से फ़ैल सकते हैं।
  • यदि आपको मधुमेह (Is diabetes curable or not) है तो अपने पैरों के मस्से का इलाज करने की कोशिश न करें। इसके इलाज के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लेकर उसे ही दिखाएं। मधुमेह के कारण आपके पैरों में संवेदनशीलता खो सकती है, जिससे आपका पैर ऐसा भी हो सकता है कि आपको चोट का भी अनुभव न हो।
  • घरेलू इलाज के द्वारा अपने चेहरे या अपने शरीर के अन्य संवेदनशील भाग (जैसे आपकी जननांग, मुंह, या नाक) पर मास्सा हटाने की कोशिश न करें।

वार्ट्स के इलाज के लिए कुछ घरेलू इलाज इस प्रकार हैं-

फ्रीजिंग इलाज: इसमें वार्ट पर ठंडे हवा (डिमेथिल ईथर और प्रोपेन का मिश्रण)काक स्प्रे करते हैं। यह वार्ट्स के आसपास की त्वचा को मारता है, जिससे आप वार्ट की सतह को स्क्रैप करके निकाल सकते हैं। यदि आप मस्सों (Warts Meaning in Hindi) को जल्दी से हटाने की कोशिश करना चाहते हैं, तो ये उपचार एक अच्छा विकल्प हैं, लेकिन ये सभी मस्सों को हटाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

सैलिसिलिक एसिड युक्त इलाज और पैच: बेहतर परिणाम के लिए आपको इस इलाज का उपयोग हर दिन, लगभग कुछ हफ्तों के लिए करना चाहिए। यदि आप उपचार लागू करने से पहले लगभग 15 मिनट तक पानी में पानी को भिगोते हैं तो यह सबसे अच्छे काम करेगा।

डक्ट टेप: कुछ लोगों ने सफलतापूर्वक डक्ट टेप के साथ मस्सों (Warts meaning in Hindi) का इलाज किया है। इस प्रक्रिया में कई दिनों तक डक्ट टेप के एक छोटे टुकड़े के साथ वार्ट को कवर किया जाता है, फिर मस्सों को भिगोकर मृत त्वचा को रगड़कर हटा दिया जाता है।

When to See a Doctor – डॉक्टर को कब दिखायें?

यदि आपके मस्से (Warts Meaning in Hindi) घरेलू इलाज से सही नहीं होते हैं तो आप डॉक्टर की मदद ले सकते हैं। याद रखें, अगर आपके मधुमेह हैं और आपके पैरों में वार्ट्स हैं तो हमेशा अपने डॉक्टर को दिखायें।

आपका डॉक्टर निम्नलिखित इलाज कर सकता है-

लिक्विड नाइट्रोजन: आपका डॉक्टर लिक्विड नाइट्रोजन के साथ आपके मस्सों को फ्रीज़ करेगा। यह थोड़ा दर्दनाक हो सकता है, लेकिन आमतौर पर अच्छी तरह से काम करता है। इसमें एक से अधिक उपचार की आवश्यकता हो सकती है। फ्रीजिंग के कारण आपके मस्सों (Warts in Hindi) के नीचे और उसके आस-पास एक ब्लिस्टर बन सकता है। इस इलाज की सहायता से लगभग एक सप्ताह के भीतर त्वचा से वार्ट दूर हो जाता है।

सर्जरी: सर्जरी आमतौर पर केवल तभी की जाती है जब एक वार्ट पर अन्य उपचारों का कोई फर्क नहीं पड़ता है। आपका डॉक्टर सर्जरी चाकू की सहायता से आपके मस्सों (Warts Meaning in Hindi) को काट सकता है या बिजली से जला सकता है। आपको पहले एनेस्थेटिक का शॉट दिया जायेगा, ये शॉट दर्दनाक हो सकते हैं। कभी-कभी सर्जरी बहुत स्केरी या डरावनी भी हो सकती है।

Prevention from Warts in Hindi – मस्सों से बचाव कैसे करें?

मस्सों (Warts Meaning in Hindi) को रोकने और उन्हें आपके शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने के कई तरीके हैं। इन सरल दिशानिर्देशों का पालन करें:

  • अपने हाथों को नियमित रूप से धोएं, खासकर यदि आप मस्से वाले किसी व्यक्ति के संपर्क में हैं।
  • अपने मस्सों (Warts in Hindi) पर हाथ मत लगाओ।
  • मस्सों (Warts Meaning in Hindi) को एक पट्टी के साथ कवर करें।
  • अपने हाथों और पैरों को सूखा रखें।
  • लॉकर रूम या सांप्रदायिक स्नान सुविधा में स्नान के जूते (फ्लिप-फ्लॉप) पहनें।

इसके बारे में इंग्लिश में भी विस्तार से पढ़ें: All About: Warts Meaning, Causes And Treatment
इस तरह साबधानियॉ बरत कर वार्ट्स या मस्सों (Warts Meaning in Hindi) जैसी संक्रामक बीमारी से जा सकता है, परन्तु अगर ध्यान न दिया जाये तो यह घातक कैंसर का रूप ले सकते हैं। इसलिए समय से मस्सों (Warts in Hindi) का इलाज करें वरना अपने डॉक्टर से सलाह लेकर उचित इलाज करायें।

मस्सों के इलाज के लिए आज ही अपने पास के डर्मेटोलॉजिस्ट (Skin Doctors in Jaipur) से अपॉइंटमेंट बुक करें, और अपने आप को इससे होने वाले घातक कैंसर से बचाएं।