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चिकनगुनिया के कारण ,लक्षण और उपचार – Chikungunya Symptoms in Hindi

चिकनगुनिया वायरस मच्छर के काटने से मनुष्यों को संक्रमित करता है। यह बुखार और जोड़ों के दर्द का कारण (chikungunya symptoms in hindi) बन सकता है। यह वायरस मरीज़ के शरीर में ठीक उसी तरह हमला करता है जिस प्रकार डेंगू के Virus मरीज़ के शरीर में अपना असर छोड़ते है. हालाकिं यह डेंगू के मुकाबले कम खतरनाक है, यह जानलेवा बुखार नहीं होता पर, इसके लक्षण इतने गंभीर होते हैं कि किसी भी व्यक्ति को कमजोर बना सकते हैं, और यह लम्बे समय तक बना रहता है। आइये इस लेख की सहायता से चिकनगुनिया वायरस, इसके कारणों, लक्षणों (chikungunya symptoms in hindi – chikungunya ke lakshan in hindi), उपचार, और निदान पर चर्चा करते हैं – यह लेख वायरस से बचने के तरीकों को भी कवर करेगा।

चिकनगुनिया क्या होता है – Chikungunya in Hindi

चिकनगुनिया एक RNA वायरस और Togaviridae family का सदस्य है। यह रोग पहली बार 1952 में Tanzania में फैला था।पहले चिकनगुनिया के मामले केवल अफ्रीका, एशिया और भारत में पाये गए थे पर 2007 से, इटली(Italy), फ्रांस(France), क्रोएशिया(Croatia) और कैरीबियाई(The Caribbean) द्वीपों(Islands) में भी इसका प्रकोप फैला हुआ है। कुल मिलाकर,60 से अधिक देशों में चिकनगुनिया वायरस के मामलों की पहचान की जा चुकी है।चिकनगुनिया(Chikungunya in Hindi) वायरस मुख्य रूप से मादा एडिस मच्छर के काटने से संचरित होता है, यह एक वायरल बुखार होता है।चिकनगुनिया (chikungunya) के मच्छर भी ज्यादातर दिन में पनपते और काटते है। सामान्यतः, यह संक्रामक नहीं माना जाता है; हालांकि, दुर्लभ मामलों में, चिकनगुनिया वायरस संक्रमित व्यक्ति(Infected person) के रक्त के संपर्क के माध्यम से फैल सकता है। इसके मुख्य कारणों (chikungunya symptoms in hindi)को जानते हैं।

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चिकनगुनिया वायरस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य :

  • चिकनगुनिया के प्रमुख लक्षण ( chikungunya symptoms in hindi ) – बुखार और जोड़ों का दर्द हैं।
  • चिकनगुनिया केवल रक्त परीक्षण(Blood Test) के द्वारा पहचाना जा सकता है।
  • चिकनगुनिया के लिए कोई टीका नहीं होता है।

चिकनगुनिया के सामान्य लक्षण(chikungunya ke lakshan in hindi) होते हैं – बुखार और जोड़ों का दर्द। आइये जानते हैं चिकनगुनिया के लक्षण(chikungunya symptoms in hindi).

चिकनगुनिया के लक्षण- Chikungunya Symptoms in Hindi

chikungunya symptoms in hindi - chikungunya ke lakshan in hindi
                    Chikungunya Ke Lakshan – लाल चकत्ते

कई बार, रोगियों में चिकनगुनिया के लक्षण (chikungunya ke lakshan in hindi) नजर नहीं आते हैं। चिकनगुनिया वायरस के लक्षण (Chikungunya symptoms in hindi) अन्य बीमारियों जैसे डेंगू बुखार के समान ही होते हैं। मादा एडिस मच्छर के काटने के कुछ ही दिनों बाद आमतौर पर चिकनगुनिया के लक्षण (Chikungunya symptoms in hindi) दिखाई देने लगते हैं।

चिकनगुनिया के सबसे आम संकेत और लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • बुखार (104 डिग्री फारेनहाइट के रूप में उच्च)
  • जोड़ों में दर्द और सूजन
  • सरदर्द,जुकाम और खांसी
  • मांसपेशियों में दर्द
  • लाल चकत्ते
  • जोड़ों के चारों ओर सूजन
  • आँखों में दर्द और कमजोरी
  • रौशनी से डर लगना
  • नींद न आना (Anidra ki samasya)

सामान्यतः मरीज में यह लक्षण (Chikungunya symptoms in Hindi) 5 से 7 दिन तक बने रहते है लेकिन जोड़ो का दर्द थोडा लम्बे समय तक बना रहता है।

किसी को डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

जैसे ही आपको लगता है कि चिकनगुनिया के लक्षण(Chikungunya symptoms in Hindi) दिखने लगे हैं, तुरंत आपको चिकित्सक से मिलना चाहिए। डॉक्टर शरीर में चिकनगुनिया वायरस की उपस्थिति की जांच करने के लिए परीक्षणों की एक श्रृंखला का सुझाव देगा और इलाज के उचित तरीकों को बतायेगा। आइये जानते हैं की किस प्रकार हम चिकनगुनिया के लक्षणों(chikungunya ke lakshan in hindi)की पहचान कर सकते हैं –

लक्षणों की पहचान करना- How To Identify Chikungunya Symptoms in Hindi

  1. तेज बुखार (Check for fever): तेज बुखार चिकनगुनिया के पहले लक्षणों में से एक मुख्य लक्षण(Chikungunya symptoms in Hindi)है। बुखार आम तौर पर 102 से 104 डिग्री फारेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) तक रहता है। बुखार आमतौर पर एक हफ्ते तक चलता रहता है।
  2. जोड़ों का दर्द (Joint Pain): यह अक्सर गंभीर और अक्षम होता है। यह आमतौर पर हाथों और पैरों को प्रभावित करता है।जोड़ों का दर्द आमतौर पर सप्ताह के अंत तक रह सकता है किन्तु कुछ दुर्लभ मामलों में यह एक वर्ष या उससे अधिक तक हो सकता है। जोड़ों के दर्द में सम्मलित हैं:
    • ज्यादातर पीड़ितों में जोड़ों का दर्द सात से दस दिनों तक रहता है , हालांकि पुराने रोगियों में यह लंबे समय तक जारी रह सकता है।
    • कुछ लोगों के साथ उनके जोड़ों की सूजन भी होती है।
  3. लाल चकतों की पहचान करे (Identify rashes): लाल चकते आमतौर पर बुखार की शुरुआत के बाद होते हैं और आमतौर पर मैकुलोपैपुलर होता है। चकते आमतौर पर किसी के धड़ और चरम पर असर डालते हैं। यह किसी के हथेलियों, तलवों और चेहरे पर भी दिखाई दे सकते हैं।
  4. अन्य लक्षणों की जाँच करें ( anya chikungunya ke lakshan in hindi): यदि आपको चिकनगुनिया है,तो आपको सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, आई फ्लू और उल्टी का भी अनुभव हो सकता है।

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चिकनगुनिया का उपचार- Chikungunya Treatment In Hindi

चिकनगुनिया वायरस जानलेवा नहीं होता, लेकिन इसके लक्षण (chikungunya ke lakshan in hindi ) गंभीर और अक्षम हो सकते हैं। अधिकांश रोगियों का बुखार एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाता है, लेकिन जोड़ों का दर्द कई महीनों तक बना रहता है। 1 साल के बाद भी, लगभग 20 प्रतिशत रोगी जोड़ों के दर्द की शिकायत करते हैं।

चिकनगुनिया के इलाज के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है; अधिकांशतः डॉक्टर आराम करने की और बहुत सारे तरल पदार्थ लेने की सलाह देते हैं।

  • कुछ दवाएं बुखार और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करती हैं-
    • नेपरोक्सन (neproxen)
    • इबुप्रोफेन (ibuprofen)
    • एसिटामिनोफेन (acetaminophen)

लंबे समय तक चलने वाले दर्द के लिए, फिजियोथेरेपी(Physiotherapy) सहायक हो सकती है।

चिकनगुनिया की रोकथाम- Prevention from Chikungunya

चिकनगुनिया भी Dengueऔर Maleria की तरह ही मच्छरों के काटने से फैलता है और मच्छर के काटने के कुछ ही दिनों बाद आमतौर पर चिकनगुनिया के लक्षण – chikungunya ke lakshan (Chikungunya symptoms in hindi) दिखाई देने लगते हैं। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए मच्छरों से हमे अपना बचाव करना चाहिए।

  • बारिश के मौसम यह तेजी से पनपता है, इसलिए लापरवाही न बरते, अपने घर के आस पास पानी न जमा होने दे।
  • कूड़ेदान में ज्यादा दिनों तक कूड़ा न जमा होने दे. साथ ही साथ कूड़ेदान को हमेशा ढक कर रखे।
  • बाल्टी, कूलर और स्वीमिंग पुल में रोजाना पानी साफ़ करे।
  • यह बीमारी बच्चो और बूढों को जल्दी प्रभावित करती है, इसलिए बच्चों को इस मौसम में पूरी बाजू के कपडे पहनाये।
  • अगर ज्यादा दिक्कत ज्यादा है तो तुरन्त Doctor को दिखाए।
  • जितना हो सके नदी और स्वीमिंग पुल में नहाने से बचे।
  • नींबू नीलगिरी या पीएमडी (पी-मेन्थेन -3,8-डायल) के तेल युक्त उत्पादों का उपयोग करे।
  • एयर कंडीशनिंग का उपयोग करे – यह मच्छरों को कमरे में प्रवेश करने से रोकता है।
  • मच्छर कॉइल्स(Mosquito Coils) और कीटनाशक वाष्पीकरण(insecticide vaporizers) का उपयोग करें।