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Spondylitis in hindi

#MedantaSpecial: Spondylitis in Hindi: स्पॉन्डिलाइसिस – रीढ़ से जुडी एक समस्या

Spondylitis in Hindi: स्पॉन्डिलाइसिस रीढ़ की सबसे आम बीमारी है। यह रीढ़ की हड्डियों में गिरावट एवं बढ़ती उम्र की प्रक्रिया को दर्शाता है। इसमें डीजेनरेटिव डिस्क और जॉइंट डेफोर्मिटी, दोनों शामिल है।

पीठ एवं गर्दन के दर्द किसी भी उम्र के लोगो को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन सामान्यतः 35-55 वर्ष के मनुष्यों में यह काफी आम है। रांची में किये गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, रीढ़ से सम्बंधित लगभग 90 % बीमारी का मुख्य कारण स्पॉन्डिलाइसिस (Spondylitis in Hindi) है। शेष 10 % कारणों में ट्रामा एवं अन्य कारण शामिल हैं।

शहरी क्षेत्र में स्पॉन्डिलाइसिस के मुख्य कारण गतिहीन जीवनशैली, धूम्रपान, कार्यालय कर्मियों का लम्बे समय तक बैठकर काम करना, उठने बैठने की गलत शैली, मोटापा, लम्बी ड्राइविंग एवं कंप्यूटर पर काम करते वक़्त गर्दन को ऊपर उठाना शामिल है।

हाल के अध्ययनों से यह साबित हुआ है की कोयले के भूमिगत खादानों में लगातार झुक कर काम करने वाले श्रमिकों में यह बीमारी बहुत आम है। लगभग दो तिहाई जनसँख्या, रीढ़ की बीमारी से ग्रसित है और उन्हें डॉक्टरी सलाह की आवश्यकता है। अधिकांश रोगी इस बीमारी के पारम्परिक इलाज से लाभान्वित हो सकते है। इसमें महंगी जांच और सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ती।

स्पॉन्डिलाइसिस का इलाज – Treatment of Spondylitis in Hindi

रीढ़ की इस बीमारी के उपचार की तकनीकी उन्नति जांच प्रक्रिया- एमआरआई (चुम्बकीय अनुनाद इमेजिंग या MRI), बोन स्कैन, एनसीएस-नर्व कंडक्शन स्टडी, ईएमजी–एलेक्ट्रोमीग्राम, रीढ़ की बीमारी के उपचार की तकनीकी उन्नति, जैव सामग्री विकास, सीटी स्कैन- मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ऑफ़ बोन एंड डिस्क।

उपचार – पारम्परिक तकनीक – अल्ट्रासाउंड, हाई फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन फॉर क्रोनिक – पुराने दर्द के लिए उच्च आकृति विद्युत उत्तेजना, एक्युपंचर और योग, शल्य विधि , मिनिमल इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी, इंडोस्कोपिक स्पाइनल सर्जरी, हाइपर बेरिक ऑक्सीजन थेरेपी, परकतनेओस लेज़र डिस्क डिकम्प्रेशन

स्टेम सेल थेरेपी (Stem Cell Therapy)

हाल के अध्ययनों में ऐसा पाया गया है की स्टेम सेल का उपयोग प्राकृतिक परिवर्तन के रूप में किया जा सकता है। ऐसी मान्यता है की स्टेम सेल्स डैमएज्ड नर्व को दुबारा जीवित कर सकता है।

रीढ़ की बीमारी के प्रकार (Types of Spondylitis in Hindi)

  1. रीढ़ की बीमारी के साथ गंभीर एवं प्रणालीगत विकृति – जन्मजात कारण – (ट्यूमर) गाँठ , सूजन, गंभीर दुर्घटना। (पीड़ित आबादी का मात्र 1- 2 % कारण),
  2. रीढ़ के दर्द के साथ स्नायृविक विकार -(बीमारी के 5-10 % कारण), अविशिष्ट रीढ़ के दर्द – 90% कारण है रीढ़ की बीमारी के रीढ़ के दर्द – किसी दूसरे अंगो से संदर्भित प्रणालीगत,
  3. पेट से सम्बंधित वक्रता विकार

रोकथाम (Prevention Tips)

स्पॉन्डिलाइसिससे बचने के लिए आप निम्न उपाय कर सकते हैं-

  • हमेशा उचित तरीके से बैठे एवं खड़े हो
  • नियमित व्यायाम करें
  • शारीरिक वजन का नियंत्रण रखें
  • धूम्रपान निषेध करें
  • शराब का नियंत्रित सेवन करें
  • शारीरिक आराम और भार उठाने की सही विधि का प्रयोग करें

रीढ़ की हड्डी से जुड़ी किसी भी समस्या like Spondylitis in Hindi या हड्डी/जोड़ों की समस्या के निदान के लिए अपने निकटतम हड्डी रोग विशेषज्ञ से मिलें और शीघ्र ही इस समस्या का इलाज कराएं। अपनी अन्य किसी स्वास्थ्य से जुडी समस्या के लिए क्रेडीहेल्थ चिकित्सा विशेषज्ञों से आज ही बात करें।

इसके बारे में भी पढ़ें : Osteoporosis Meaning in Hindi – ऑस्टियोपोरोसिस रोग क्या है और बचाव

डॉ गणेश कुमार, न्यूरो-स्पाइन सर्जन, मेदांता हॉस्पिटल, रांची द्वारा लिखित यह लेख क्रेडीहेल्थ को योगदान स्वरुप दिया गया है। 

डॉ गणेश कुमार,न्यूरो-स्पाइन सर्जन, मेदांता हॉस्पिटल, रांची द्वारा लिखित यह लेख पहली बार “पीठ और गर्दन में हो दर्द तो एक्सपर्ट से लें सलाह, वर्ना हो सकता है खतरनाक” नाम से 16 Oct 2017 को https://www.inextlive.com/ पर प्रकाशित हुआ था।

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