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ऑस्टियोपोरोसिस रोग क्या है और इससे बचाव के तरीके – Osteoporosis Meaning in Hindi

हमारे शरीर में हड्डियों के बहुत सारे कार्य होते हैं, ये हमारे शरीर को आकर प्रदान करने के साथ साथ हमारे आंतरिक अंगों को समर्थन और सुरक्षा भी प्रदान करती हैं।ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमे हमारी हड्डियां अन्दर से खोखली हो जाती हैं और उनके टूटने और फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी अक्सर 50 की आयु के बाद होती है जिसमे मनुष्य की बॉडी मॉस लगातार घटने लगता है।WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रत्येक 3 में से 1 और पुरुषों में 8 में से 1 पुरुष को ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी अवश्य होती है जो यह दर्शाता है कि महिलाओं में यह बीमारी पुरुषों की तुलना में अधिक होती है। आइये जानते है ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis Meaning in Hindi) के बारे में और इसका इलाज (Osteoporosis Treatment in Hindi) किस प्रकार किया जा सकता है।

ऑस्टियोपोरोसिस को एक ‘साइलेंट महामारी’ के रूप में जाना जाता है, जो वैश्विक स्वास्थ्य चिंता का विषय बन चुकी है और दुनिया भर में 200 मिलियन लोगों को प्रभावित करती है। “

क्या होता है ऑस्टियोपोरोसिस रोग – Osteoporosis Meaning in Hindi

ऑस्टियोपोरोसिस का शाब्दिक अर्थ (Osteoporosis Meaning in Hindi) है “खोखली हड्डियां।” इस बीमारी में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे कूल्हे, रीढ़ की हड्डी और कलाई में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। हमारे शरीर में हड्डी के ऊतक (बोन टिश्यू) लगातार बनते रहते हैं, और नई हड्डी पुरानी, ​​क्षतिग्रस्त हड्डी की जगह ले लेती है। इस तरह, शरीर में हड्डियों का घनत्व (बोन डेंसिटी) और उसके क्रिस्टल और संरचना की अखंडता बनी रहती है। किसी भी व्यक्ति में उसका अस्थि घनत्व उसकी 20 की आयु के करीब चोटी पर होता है और 35 की आयु के बाद हड्डी कमजोर होने लगती है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हड्डियाँ कमजोर होकर टूटने लगती हैं। यदि यह परिस्थिति अत्यधिक बढ़ जाती है, तो वह व्यक्ति ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार हो जाता है या उस परिस्थिति को ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis Meaning in Hindi) कहते हैं।

Osteoporosis Meaning in Hindi, Osteoporosis Treatment in Hindi
                                                  खोखली हड्डियाँ

आपको शायद पता हो कि मजबूत हड्डियों के निर्माण के लिए हमारे शरीर को कैल्शियम की आवश्यकता होती है, कैल्शियम की कम मात्रा लेने से भी ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है लेकिन कम कैल्शियम वाला आहार ही इसके लिए एकमात्र अपराधी नहीं है। यद्धपि ऑस्टियोपोरोसिस के कारण (Osteoporosis Causes in Hindi) कम ज्ञात हैं, परन्तु विशेषज्ञों का मानना ​​है कि हड्डियों के नुकसान के लिए अक्सर कारणों का एक संयोजन दोषी होता है। आइये जानते हैं ऑस्टियोपोरोसिस के होने के कारण और कौन कौन इसके शिकार हो सकते हैं।

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कौन कौन ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार हो सकते हैं – Potential Hazard of Osteoporosis in Hindi

  • 50-60 वर्ष की आयु के बाद आप ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार हो सकते हैं।
  • विशेषकर महिलायें मेनोपॉज़ या रजोनिवृत्ति के बाद ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis Meaning in Hindi) का शिकार हो जाती हैं।
  • यदि आपके परिवार में किसी को ऑस्टियोपोरोसिस रोग है तो आप भी इसके जोखिम में हैं।
  • यदि भोजन में कैल्सियम नहीं लेते हैं तब भी ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार हो सकते हैं।
  • यदि आप विभिन्न प्रकार के व्यसन जैसे – सिगरेट शराब इत्यादि का सेवन करते हैं।
  • भरपूर मात्रा में पोषण न लेने पर भी ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार हो सकते हैं।
  • किसी बीमारी के कारण यदि आप स्टेराइड व हार्मोन की दवाइयां ले रहे हैं तब भी आप ऑस्टियोपोरोसिस के (Osteoporosis Meaning in Hindi) शिकार हो सकते हैं।
  • क्रियाशील न होने या आलस्य के कारण भी बहुत बार आप ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार हो सकते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस रोग के कारण – Causes of Osteoporosis in Hindi

हमारे शरीर की हड्डियों का लगातार नवीकरण होता रहता है और नई हड्डी बनती है और पुरानी हड्डी टूट जाती है। युवावस्था में हमारी हड्डियों का घनत्व सर्वाधिक होता है किन्तु आयु के बढ़ने के साथ साथ यह कम होता रहता है, जिसके कारण ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी (Osteoporosis Disease in Hindi) हो सकती है। कभी कभी कुछ स्थितियाँ ऐसी भी होती हैं जिनके कारण आपको ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है, ऑस्टियोपोरोसिस के कुछ कारण नीचे दिए गए हैं जो निम्न प्रकार हैं-

  1. महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण: सामन्यतः ऑस्टियोपोरोसिस को महिलाओं में एस्ट्रोजन की कमी के रूप में परिभाषित किया जाता है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं की हड्डियों की हानि में तेजी आ जाती है, और महिलाओं में एस्ट्रोजेन हार्मोन में तेजी से गिरावट होने लगती है। युवा महिलायें जिनके मासिक धर्म समय से पहले बंद हो जाते हैं (पतली एथलीट महिलायें या एनोरेक्सिया से पीड़ित महिलायें), उनमे भी ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis Meaning in Hindi) होने का खतरा बना रहता है। (और पढ़ें: 8 Super Foods To Crush Estrogen Imbalance)

  2. पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन के कारण: हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए पुरुषों को टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन दोनों हार्मोन की आवश्यकता होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरुष टेस्टोस्टेरोन को हड्डियों के संरक्षण वाले एस्ट्रोजन में बदल देते हैं। इसकी कमी होने पर पुरुषों में ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis Meaning in Hindi) हो जाता है।

  3. हार्मोन असंतुलन के कारण: कई अन्य हार्मोन हमारी बोन डेंसिटी को बनाये रखने में भूमिका निभाते हैं, जिसमें पैराथाइरॉइड हार्मोन और वृद्धि हार्मोन शामिल हैं। बहुत अधिक पैराथाइरॉइड हार्मोन, जिसे हाइपरपैराथायरॉडिज़्म कहा जाता है, मूत्र में कैल्शियम की कमी का कारण बनता है। कम कैल्शियम का मतलब है कमजोर हड्डियां, और जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपका शरीर वृद्धि हार्मोन का उत्पादन कम करने लगता है।

  4. कैल्शियम की कमी के कारण: कैल्शियम के बिना, आप हड्डी रीमॉडेलिंग की आजीवन प्रक्रिया के दौरान नई हड्डी का पुनर्निर्माण नहीं कर सकते।(और पढ़ें: Calcium Rich Indian Food)

  5. विटामिन D की कमी के कारण: विटामिन D की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और टूट सकती हैं। सक्रिय विटामिन डी, जिसे कैल्सीट्रियोल भी कहा जाता है, यह एक हार्मोन की तरह कार्य करता है। (और पढ़ें: Vitamin D Rich Foods)

  6. थायराइड की स्थिति की कारण: थायराइड हार्मोन का उच्च स्तर (हाइपरथायरॉडिज़्म) लंबे समय से हड्डियों के नुकसान में वृद्धि से जुड़ा हुआ है।

  7. कुछ दवाइयों के कारण: कुछ दवाओं के सेवन से भी हमारी हड्डियों को नुकसान हो सकता है और हड्डियों के फ्रैक्चर में वृद्धि हो सकती है। इन दवाइयों में अधिकांश आम कॉर्टिकोस्टेरॉइड हैं, जिन्हें कॉर्टिसोन, हाइड्रोकार्टिसोन, ग्लूकोकार्टिसोइड और प्रेडिसोन के नाम से भी जाना जाता है। इन दवाओं का उपयोग अस्थमा, संधिशोथ या रहियूमेटोइड, सोरायसिस, कोलाइटिस और अन्य स्थितियों की एक विस्तृत श्रृंखला के उपचार के लिए किया जाता है। एंटीसेज़्योरे दवाएं भी हड्डी के नुकसान से जुड़ी होती हैं।

  8. कुछ मेडिकल स्थितियों के कारण: कुछ मेडिकल स्थितियाँ भी हमारी हड्डियों की हानि का कारण बन सकते हैं जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस से लेकर पाचन रोग और मायलोमा नामक ट्यूमर इत्यादि हमारी हड्डियों में कैंसर सेल का उत्पादन करती हैं और हड्डी के नुकसान में योगदान देती हैं।

इसके बारे में भी पढ़ें: महिलाओं में थायरॉइड के सम्भावित लक्षण और थायरॉइड का मतलब – Thyroid in Hindi

ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण – Symptoms of Osteoporosis in Hindi

आमतौर पर ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती चरणों में कोई लक्षण (Symptoms of Osteoporosis in Hindi) नहीं होते हैं। लेकिन एक बार जब आपकी हड्डियाँ ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis Meaning in Hindi) से कमजोर हो जाती हैं, तो निम्न लक्षण शामिल हो सकते हैं:

  • पीठ में दर्द, एक फ्रेक्चरड कशेरुका के कारण
  • समय के साथ कद का कम होना
  • आसानी से बोन फ्रेक्चर हो जाना
  • खड़े होने की मुद्रा में परिवर्तन
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होना
  • बैठने और खड़े होने में परेशानी होना

ऑस्टियोपोरोसिस का निवारण – Prevention Tips to Osteoporosis in Hindi

यदि आप अच्छा पोषण लेते हैं और नियमित व्यायाम करते हैं तो यह आपकी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए काफी है। इसके अलावा ऑस्टियोपोरोसिस के निवारण(Prevention Tips to Osteoporosis in Hindi) के लिए आप नीचे दिए गए निवारण भी कर सकते हैं –

  • प्रोटीन: प्रोटीन हमारे शरीर की हड्डी के निर्माण के लिए आवश्यक खंडों में से एक है। इसलिए जितना हो सके अपने आहार में प्रोटीन को अवश्य शामिल करें। इसके लिए आप अपने आहार में सोया, नट, फलियां, डेयरी और अंडे इत्यादि को शामिल कर सकते हैं।
  • शरीर का वजन: अंडरवेट होने से हड्डियों के नुकसान और फ्रैक्चर की संभावना बढ़ जाती है। अतिरिक्त वजन भी आपके हाथ और कलाई में फ्रैक्चर के जोखिम को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इसलिए शरीर का उचित वजन बनाए रखना हड्डियों के लिए और स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है। (और पढ़ें: How To Lose Weight in Hindi)
  • कैल्शियम: 18 से 50 की आयु के पुरुषों और महिलाओं दोनों को ही एक दिन में करीबन 1,000 milligrams कैल्शियम की आवश्यकता होती है।महिलाओं को 50 के बाद और पुरुषों को 70 के बाद यह मात्रा बढ़कर 1,200 milligrams कर देनी चाहिए।
  • विटामिन D: विटामिन डी हमारे शरीर की कैल्शियम को अवशोषित करने की क्षमता में सुधार करता है और अन्य तरीकों से हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार करता है।इसलिए जितना हो सके अपने आहार में विटामिन डी को सम्मिलित करें।
  • व्यायाम: व्यायाम हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूत और कमजोर हड्डियों का फिर से निर्माण करने में मदद कर सकता है।

ओस्टोपोरोसिस का इलाज – Osteoporosis Treatment In Hindi

दवाइयों की सहायता से

कुछ दवाइयों और हॉर्मोन थेरेपी की सहायता से ऑस्टियोपोरोसिस रोग का इलाज (Osteoporosis Treatment in Hindi) किया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं-

  • यदि आप ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज (Osteoporosis Treatment in Hindi) करा रहे हैं तो यह हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा कदम है। ऑस्टियोपोरोसिस के इलाज में दवाओं के साथ साथ जीवन शैली में परिवर्तन को शामिल किया जा सकता है।
  • कुछ हार्मोन, जैसे कि एस्ट्रोजन, ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम और इलाज (Osteoporosis Treatment in Hindi) में एक मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, हार्मोन थेरेपी के कुछ संभावित दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर्स भी यह सलाह देते हैं की इन हार्मोन की खुराक का उपयोग कम समय के लिए ही करें।
  • कुछ हार्मोनोनिकल दवाओं को ऑस्टियोपोरोसिस रोग को रोकने और इलाज (Osteoporosis Treatment in Hindi)के लिए भी निर्धारित किया जाता है, जैसे कि रालोक्सिफ़ेन (एविस्टा)।

इसके अलावा कुछ अन्य उपाय और होम रेमेडीज का प्रयोग करके भी इस रोग का इलाज (Osteoporosis Treatment in Hindi) किया जा सकता है, जो निम्नलिखित हैं-

जीवनशैली में परिवर्तन व होम रेमेडीज के द्वारा

  • धूम्रपान न करें: धूम्रपान करने से हड्डियों की हानि और फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। (और पढ़ें: Why Should I Quit Smoking?)
  • अत्यधिक शराब का सेवन न करें: एक दिन में दो या दो से अधिक मादक पेय का सेवन करने से हड्डियों के निर्माण की प्रक्रिया कम हो सकती है। शराब के प्रभाव के कारण आपके गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है।
  • गिरने से बचें: इस प्रकार के जूते या चप्पलें पहने जिनमे ज्यादा हील (ऊँची एड़ी) न हो और साथ ही उनसे फिसलने का डर न हो। साथ ही ऐसे स्थानों से बचें जहाँ आपके फसलने का खतरा अधिक हो। घर के कमरों में अच्छे से प्रकाश रखें, अपने स्नानगृह के बाहर और अंदर पकड़ने के लिए सलाखें लगवायें।
  • व्यायाम करें: ऐसे व्यायाम करें जो वजन बढ़ाने वाली शारीरिक गतिविधि और संतुलन की मुद्रा में सुधार करते हैं, आपकी हड्डियों को मजबूत कर सकते हैं और फ्रैक्चर की संभावना को कम कर सकते हैं। आप जितनी अधिक सक्रिय और फिट होंगे, आपको हड्डी टूटने की संभावना उतनी ही कम होगी।
  • अच्छा पोषण लें: स्वस्थ आहार खाएं और सुनिश्चित करें कि आपको पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D मिल रहा है।

Osteoporosis Meaning in Hindi; ऑस्टियोपोरोसिस हड्डी की बीमारी होती है जो तब होती है जब शरीर बहुत अधिक हड्डी खो देता है, हड्डियां खोखली हो जाती हैं या शरीर नयी हड्डी बनाना कम कर देता है, या दोनों। नतीजतन, हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और छोटे से झटके से भी हड्डियाँ टूट सकती हैं या गंभीर मामलों की शिकार हो सकती हैं। इन सभी उपायों को अपनाकर आप ऑस्टियोपोरोसिस रोग से अपने आप को बचा (Osteoporosis Treatment in Hindi) सकते हैं।

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