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Vertigo Meaning in Hindi – वर्टिगो का मतलब, कारण, लक्षण और इलाज

Vertigo Meaning in Hindi is चक्कर आना या सिर चकराना, यह काफी आम समस्या हो सकती है विशेषकर उन लोगों को जिन्हे सर्वाइकल प्रॉब्लम, गर्दन में दर्द रहता है, सिर में दर्द रहता है या कान से सम्बंधित कोई समस्या रहती है। यह कई स्थितियों का लक्षण है। वर्टिगो में हमारा शरीर विभिन्न समस्याएं जैसे मतली और उल्टी के साथ में संतुलन बिगड़ जाना आदि महसूस करता है या यदि आप सिर घुमाते हैं तब यह स्थिति और बढ़ जाती है और आपका सिर और तेजी से चकराने लगता है।

बहुत बार कुछ लोगों को ऊँचाई पर जाने से भी सिर चकराना जैसे समस्या होती है परन्तु यह वर्टिगो से पूर्णतया भिन्न होता है। ऊँचाई पर जाने में डर लगना, इस समस्या को एक्रोफोबिया कहते हैं। यह कई स्थितियों का लक्षण है। यह तब होता है जब आंतरिक कान, मस्तिष्क या संवेदी तंत्रिका मार्ग के साथ कोई समस्या हो। वर्टिगो किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 65 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में यह आम है।आइये जानते हैं यह क्या होता है, वर्टिगो अटैक में क्या होता है, आइये जानते हैं इस लेख की सहायता से वर्टिगो के बारे में।

Vertigo Meaning in Hindi – वर्टिगो का मतलब हिन्दी में 

वर्टिगो अस्थायी या दीर्घकालिक दोनों हो सकता है।यदि आपको लगातार सिर में चक्कर आते हैं तब यह मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से जुड़ा हुआ हो सकता है। बहुत बार मनोरोग की समस्या चक्कर आने का कारण बन सकती है, या चक्कर आना व्यक्ति के दैनिक जीवन में कार्य करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जो संभवतः डिप्रेशन या चिंता का कारण बन सकता है। वर्टिगो बहुत सारी स्थितियों का एक लक्षण है। यह एक प्रकार की संवेदना है जिसमें कि आप, या आपके आस-पास का वातावरण घूमता हुआ महसूस होता है। कभी कभी यह इतनी गंभीर हो सकती है कि आपको अपना संतुलन बनाए रखने और रोजमर्रा के काम करने में मुश्किल हो सकती है।

आमतौर पर, वर्टिगो या तो आंतरिक कान में समस्याओं के कारण होता है, जिसे परिधीय वर्टिगो के रूप में जाना जाता है, या मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र में समस्याएं होती हैं, जिसे केंद्रीय वर्टिगो के रूप में जाना जाता है। कुछ जोखिम कारक और अन्य चिकित्सा मुद्दे भी सिर के चक्कर का कारण बन सकते हैं। वर्टिगो का अटैक कुछ सेकंड के लिए अचानक, या वे बहुत लंबे समय तक रह सकता हैं।

चक्कर से जुड़े अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • संतुलन बिगड़ जाना – जिसके कारण खड़े होना या चलना मुश्किल हो सकता है
  • बीमार होना
  • सिर चकराना

वर्टिगो के लक्षण 

वर्टिगो वाले व्यक्ति को सिर चकराना, संतुलन बिगड़ना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वर्टिगो अन्य स्थितियों का एक लक्षण हो सकता है, और इससे संबंधित लक्षणों का अपना अलग सेट भी हो सकता है। इसमें शामिल है:

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  • संतुलन की समस्याओं और चक्कर आना
  • मोशन सिकनेस की भावना
  • जी मिचलाना और उल्टी
  • टिनिटस
  • कान सुन्न होना
  • सरदर्द (और पढ़ें: 5 Surprising Reasons you have a Headache)
  • बीमार होना

चिकित्सा सहायता कब लें?

इन लक्षणों के दिखने पर आपको अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए खासकर यदि ये लक्षण बार बार वापस आ रहे है तब।आपका डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूछेगा और वर्टिगो के लिए कुछ टेस्ट कर सकता है। वे आपको आगे के परीक्षणों के लिए भी संदर्भित कर सकते हैं। आइये जानते हैं किन कारणों से वर्टिगो की समस्या हो सकती है-

वर्टिगो के कारण 

विभिन्न रोगों और स्थितियों की श्रृंखला वर्टिगो को जन्म दे सकती है। वर्टिगो अक्सर आंतरिक कान में असंतुलन के परिणामस्वरूप होता है। कभी कभी यह, मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में समस्याएं होने से भी हो सकता हैं।

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विभिन्न प्रकार के वर्टिगो पैदा करने के लिए निम्न स्थितियाँ शामिल हैं:

वर्टिगो के आम कारण

  1. BPPV: BPPV को वर्टिगो या चक्कर आने का सबसे आम कारण माना जाता है। ऐसा तब होता है जब छोटे क्रिस्टल मुक्त हो जाते हैं और आपके आंतरिक कान की नलियों के अंदर तैरने लगते हैं, जिसे अर्धवृत्ताकार कैनाल कहा जाता है। BPPV में आमतौर पर चक्कर छोटे छोटे एपिसोड में आते हैं जो अचानक आते हैं और कुछ सेकंड से कुछ मिनट तक रहते हैं। BPPV वाले लोगों में थोड़ा सिर घूमाने से वर्टिगो या चक्कर के एपिसोड को ट्रिगर किया जा सकता है। अधिकांश समय, डॉक्टर ठीक से पहचान नहीं पाते हैं कि बीपीपीवी का सही कारण क्या है, लेकिन यह कभी-कभी सिर में मामूली या गंभीर आघात से जुड़ा हो सकता है।BPPV आमतौर पर बड़े वयस्कों को प्रभावित करता है, और इसका कारण आमतौर पर अज्ञात होता है। यह मनोभ्रंश (Dementia- पागलपन) से जुड़ा हुआ है और महिलाओं में पुरुषों की तुलना में दोगुना होता है।
  2. लैब्रिंथिनाइटिस: यह आंतरिक कान लबीरिंथ की सूजन होती है। यह आमतौर पर एक वायरल संक्रमण के कारण होता है।
  3. मेनिएरेस रोग: आंतरिक कान में तरल पदार्थ का निर्माण कानों में झनझनाहट और सुनने में हानि होने के साथ सिर में चक्कर पैदा कर सकता है। यह अधिकतर 40 से 60 साल के बीच के लोगों को प्रभावित करता है।

वर्टिगो के सामान्य कारण

कुछ कारण ऐसे भी हैं जो वर्टिगो के लिए उतने जिम्मेदार नहीं होते हैं परन्तु इसका कारण बन सकते हैं, उनमे निम्न स्थितियाँ शामिल हैं:

  • डायबटीज
  • प्रेगनेंसी
  • सिफिलिस
  • कुछ तरह की एलर्जी
  • सिर या गर्दन की चोट
  • माइग्रेन सिरदर्द
  • कान की सर्जरी
  • लंबे समय तक बिस्तर पर आराम करने से
  • पेरिलिम्फेटिक फिस्टुला
  • हरपीज ज़ोस्टर ऑटिक्स
  • ओटोस्क्लेरोसिस
  • किसी दवा के साइड इफ़ेक्ट या दवा की विषाक्तता के दुष्प्रभाव
  • स्ट्रोक
  • क्षणिक इस्कीमिक हमला
  • अनुमस्तिष्क या दिमागी बीमारी, जैसे कि ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक
  • ध्वनिक न्यूरोमा, वेस्टिबुलर तंत्रिका पर एक सौम्य वृद्धि जो मस्तिष्क के भीतर के कान के बीच होती है
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस

वर्टिगो का इलाज – Treatment of Vertigo in Hindi

  • कुछ प्रकार के वर्टिगो बिना उपचार के सही हो जाते हैं, लेकिन किसी भी अंतर्निहित समस्या के लिए चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है, उदाहरण के लिए, जीवाणु संक्रमण के लिए के लिए एंटीबायोटिक चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
  • ड्रग्स वर्टिगो के कुछ लक्षणों को राहत दे सकते है, उदाहरण के लिए, और मोशन सिकनेस और जी मिचलाने की समस्या को कम करने के लिए एंटीहिस्टामाइन या एंटी-इमीटिक्स ले सकते हैं।
  • जिन रोगियों को एक्यूट वेस्टिबुलर डिसऑर्डर वाले मरीजों को स्टेरॉयड, एंटीवायरल ड्रग्स या एंटीबायोटिक दवाइयां दी जा सकती हैं।
  • कभी-कभी, अंतरंगनीय सौम्य पैरॉक्सिस्मल पोजीटिअल वर्टिगो (बीपीपीवी) वाले रोगियों के इलाज के लिए इंटरनल सर्जरी की जाती है। सर्जन उस क्षेत्र को अवरुद्ध करने के लिए आंतरिक कान में एक हड्डी प्लग सम्मिलित करता है जहां से वर्टिगो उत्पन्न होता है।

स्वयं की देखभाल करके

यदि आपको पता है कि वर्टिगो की समस्या, इसके होने का कारण क्या है, इस पर निर्भर करते हुए, ऐसे उपाय कीजिये जो आपके लक्षणों को राहत देने में मदद करे। आपका डॉक्टर आपको ये सलाह दे सकता है:

  • अपने लक्षणों को ठीक करने के लिए सरल व्यायाम करें
  • अपने सिर को दो या अधिक तकियों पर थोड़ा ऊपर उठाकर सोएं
  • बिस्तर से उठते समय धीरे-धीरे उठें और खड़े होने से पहले एक मिनट के लिए बिस्तर के किनारे पर बैठें
  • कुछ सामान उठाने के लिए नीचे झुकने से बचें
  • अपनी गर्दन को खींचने से बचें – उदाहरण के लिए, एक ऊँची शेल्फ तक पहुंचने की कोशिश
  • दैनिक गतिविधियों के दौरान अपने सिर को ध्यान से और धीरे-धीरे घुमाएं
  • ऐसे व्यायाम करें जो वर्टिगो को ट्रिगर करते हैं, जिससे आपका मस्तिष्क इसके लिए अभ्यस्त हो जाता है और इसके लक्षणों को कम करने में मदद करता है

हालांकि उपरोक्त उपाय मदद कर सकते हैं, फिर भी वर्टिगो और किसी भी अन्य लक्षण दिखने पर डॉक्टर को इसके बारे में दिखाना उपयोगी होता है, क्योंकि कई स्थितियां वर्टिगो का कारण बन सकती हैं, और किसी भी हानिकारक अंतर्निहित स्वास्थ्य मुद्दों का इलाज करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

वर्टिगो के बारे में इंग्लिश में भी पढ़ें : Dizzy? Could be Vertigo

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