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नॉर्मल डिलीवरी

  • ▪ प्रोसीजर का तरीका:  डिलीवरी (प्रसव)
  • ▪ जाँच का उद्देश्य:  बिना ऑप्रेशन के माध्यम से शिशु की डिलीवरी
  • ▪ सामान्य नाम:  योनि प्रसव, प्राकृतिक जन्म
  • ▪ दर्द की तीव्रता:  दर्दनाक प्रक्रिया

नॉर्मल डिलीवरी में बिना ऑप्रेशन के माध्यम से शिशुओं का जन्म होता है। यह काफी दर्दनाक प्रोसीजर होता है, लेकिन साथ ही यह एक सुरक्षित प्रसव प्रक्रिया भी है। लगभग सभी महिलाएं नार्मल डिलीवरी चाहती है लेकिन, कुछ चिकित्सकीय जटिलताओं या स्वास्थ्य के कारण, हर महिला के लिए नार्मल डिलीवरी संभव नहीं हो पाती है। सामान्य प्रसव या नार्मल डिलीवरी सिजेरियन डिलीवरी की तुलना में दोनों ही माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है। 

नॉर्मल डिलीवरी एक प्राकृतिक विधि है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दवा की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन आपका डॉक्टर दर्द को कम करने और इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए दवाएं दे सकते हैं। 

दिल्ली में बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी के खर्च और प्रोसीजर के बारे में अंग्रेजी भाषा में यहाँ पढ़े - Normal Delivery Cost in Delhi

दिल्ली में नॉर्मल डिलीवरी का खर्च

दिल्ली एनसीआर में नॉर्मल डिलीवरी के लिए सबसे अच्छे डॉक्टर की सूची

, एमडी, DNB

निदेशक एवं विभागाध्यक्ष - प्रसूति एवं स्त्रीरोग विज्ञान

43 वर्षों का अनुभव, 11 पुरस्कार

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एमबीबीएस, एमडी (स्त्री रोग), एफआईसीएस

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दिल्ली एनसीआर में नॉर्मल डिलीवरी के लिए सबसे अच्छे अस्पतालों की सूची

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फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट

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सीताराम भाटिया हॉस्पिटल, नई दिल्ली

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Dr. Satya Bansal

MBBS, Diploma - Gynaecology and Obstetrics, Fellowship - Gynae Oncology

Consultant - Obstetrics and Gynecology

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MBBS, एमडी - प्रसूति एवं स्त्री रोग

सलाहकार - प्रसूति एवं स्त्री रोग

36 वर्षों का अनुभव,

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सुशीला गुप्ता

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सलाहकार - प्रसूति एवं स्त्री रोग

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क्रेडीहेल्थ एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जो आपके सभी स्वास्थ्य संबंधी सवालों के जवाब प्रदान करता है जैसे कि दिल्ली में नॉर्मल डिलीवरी का खर्च क्या है इत्यादि। हम आपको शहर के सर्वश्रेष्ठ और किफायती अस्पतालों की सूची प्रदान करते हैं। किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या के लिए हमारी डॉक्टर की सूची, अपॉइंटमेंट फीस, ओपीडी सारणी, नार्मल डिलीवरी के लिए क्या करे और अन्य आवश्यक जानकारी देखें। यहां आपको दिल्ली में नॉर्मल डिलीवरी के खर्च के बारे में सुझाव और दिशानिर्देश भी मिलेंगे। क्रेडीहेल्थ आपको सबसे अच्छे डॉक्टर और अस्पताल से जोड़ता है। बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी के लिए आज ही क्रेडीहेल्थ के साथ अपॉइंटमेंट बुक करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) कब शुरू होती है?

A:

शिशु का सिर आपके श्रोणि/पेल्विस में गिरने के बाद नार्मल डिलीवरी के लिए लेबोर पैन शुरू हो जाता है। यह नियत तारीख से कुछ हफ्ते पहले या बाद में हो सकता है। यह महिला-महिला में भिन्न हो सकता है।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 22/08/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी क्या होती है?

A:

नॉर्मल डिलीवरी में बिना ऑप्रेशन के माध्यम से शिशुओं का जन्म होता है। यह काफी दर्दनाक प्रोसीजर होता है, लेकिन साथ ही यह एक सुरक्षित प्रसव प्रक्रिया भी है। नॉर्मल डिलीवरी एक प्राकृतिक विधि है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दवा की आवश्यकता नहीं होती है। आपका डॉक्टर दर्द को कम करने और इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए दवाएं दे सकते हैं।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 22/08/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी बेहतर क्यों होती है?

A:

नॉर्मल डिलीवरी माँ और बच्चे के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही बेहतर प्रोसीजर होता है और यह उतनी ही जल्दी ठीक भी हो जाता है। सामान्य प्रसव एक लंबी और दर्दनाक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन इसके लिए किसी प्रकार की कोई दवा की आवश्यकता नहीं होती और कम समय में इसकी रिकवरी भी हो जाती है। नॉर्मल डिलीवरी के बाद महिलाओं को एक या दो दिनों के भीतर छुट्टी मिल सकती है। यह एक काफी किफायती प्रक्रिया है। क्रेडिहेल्थ आपको सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनोकोलॉजिस्ट) की एक सूची प्रदान करता है और साथ ही दिल्ली में सस्ती शिशु डिलीवरी पैकेज का सुझाव भी देता है।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 22/08/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी में कितना समय लगता है?

A:

पहले प्रसव के मामले में, सक्रिय लेबोर पैन के साथ लगभग आठ घंटे लग सकते हैं। यह एक औसत है और यह आठ घंटे से कम या अधिक हो सकता है। आमतौर पर, सामान्य डिलीवरी 18 घंटे से अधिक नहीं चलती है। एक बार जब गर्भाशय ग्रीवा के 10 सेमी तक फैल जाये, तो योनि से बच्चे को बाहर निकालने में दो घंटे से अधिक समय नहीं लगेगा।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 22/08/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी कौन करता है?

A:

गायनोकोलॉजिस्ट वह विशेषज्ञ होता है जो नार्मल डिलीवरी करता है। नॉर्मल डिलीवरी स्त्री रोग का एक हिस्सा होता है। गायनोकोलॉजिस्ट अपने अनुभवी नर्सिंग स्टाफ के साथ प्रक्रिया को सुचारू रूप से कर सकते हैं।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 22/08/2019

Q: नार्मल डिलीवरी की प्रक्रिया क्या होती है?

A:

नॉर्मल डिलीवरी एक ऐसी प्रक्रिया है जो तब समाप्त होती है जब बच्चा महिला की योनि के माध्यम से महिला के गर्भाशय छोड़ देता है। इस प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हैं: गर्भाशय ग्रीवा का फैलाव, बच्चे का जन्म, नाल का वितरण । यदि आप भी एक नॉर्मल डिलीवरी करवाना चाहते हैं, तो क्रेडीहेल्थ की सहायता से दिल्ली में नॉर्मल डिलीवरी का कुल खर्च देखें।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 22/08/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी के जोखिम और जटिलताएं क्या हैं?

A:

नॉर्मल डिलीवरी को सबसे प्रभावी डिलीवरी प्रक्रिया कहा जाता है। लेकिन, इसमें कुछ जोखिम और जटिलताएं भी शामिल हैं। मातृ जोखिम कारकों में निम्न शामिल हैं:

  • पोस्ट डिलीवरी के बाद, अचानक खांसी, छींक या हंसी के साथ मूत्र का रिसाव

  • प्लेसेंटा वापस आना 

  • डिलीवरी के बाद योनि से भारी ब्लीडिंग 

  • गर्भाशय, योनि, ग्रीवा या मलाशय का फट जाना 

  • यदि माँ किसी तरह के संक्रमण या बीमारी से पीड़ित है, तो यह बीमारी माँ से बच्चे को हो सकती है।

यदि आप योनि से भरी ब्लीडिंग का अनुभव करते हैं और हर घंटे सैनिटरी पैड को बदलने की आवश्यकता होती है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर को फोन करना चाहिए।

दिल्ली में बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी के खर्च के बारे में अधिक जानकारी के लिए, 8010-994-994 पर क्रेडीहेल्थ मेडिकल विशेषज्ञों से संपर्क करें।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 11/11/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी के बाद के दिशानिर्देश क्या है?

A:

बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी के बाद, आपको कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे:

  • डिलीवरी के बाद कुछ दिनों के लिए भारी ब्लीडिंग और योनि स्राव

  • योनि में लगे कट कुछ स्वास्थ्य मुद्दों का कारण हो सकते हैं। इसे ठीक होने में छह सप्ताह या उससे अधिक समय लगता है।

  • नॉर्मल डिलीवरी के बाद, मूत्राशय और मूत्रमार्ग के आसपास के ऊतक में सूजन हो सकती है। जिसकी वजह से आपको पेशाब करने में दर्द हो सकता है। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद, आप इस समस्या को दूर करने के लिए केगेल व्यायाम कर सकते हैं।

  • नॉर्मल डिलीवरी के तुरंत बाद कुछ दिनों के लिए आपको हल्का दबाव भी महसूस हो सकता है। इस दबाव का मतलब है कि आपका गर्भाशय अपने आकार में वापस आ रहा है।

  • बच्चे के जन्म के बाद, आपके हार्मोन सामान्य स्तर पर लौट आते हैं। 

  • इसके कारण बालों का झड़ना बढ़ सकता है।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 11/11/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी करने से पहले के दिशानिर्देश क्या है? 

A:

एक बार जब आप एक नॉर्मल डिलीवरी कराने का निर्णय लेते हैं, तो आपको माता-पिता बनने की शिक्षा लेना शुरू कर देनी चाहिए। आप विभिन्न कक्षाों की तलाश कर सकते हैं जो यह सिखाते हैं कि लोबोर और जन्म कैसे होता है और यह कैसे काम करते हैं।

ये कक्षाएं आपको सांस लेने, विश्राम, और आत्म-सम्मोहन सहित लेबोर पैन के प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों को सिखाएंगी।

इसके साथ ही, आपको निम्नलिखित टिप्स का भी पालन करना चाहिए:

  • अपने डॉक्टर से बात करें अगर आपको या आपके साथी को किसी भी प्रकार की कोई बीमारी है, जैसे डायबिटीज, मिर्गी, हाई ब्लड प्रेशर, PCOD, पिछली प्रग्नेंसी में जटिलताएं आदि।

  • शराब और धूम्रपान से बचें

  • अपने चिकित्सक को बताएं कि क्या परिवार में कोई बीमारी चल रही है और इसके लिए आनुवांशिक परामर्श लें।

यदि आप दिल्ली में नॉर्मल डिलीवरी का कुल खर्च जानना चाहते हैं तो आज ही क्रेडीहेल्थ से संपर्क करें।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 11/11/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी के दौरान क्या होता है?

A:

बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी के दौरान, आप अक्सर दबाव महसूस करेंगे। नॉर्मल डिलीवरी की प्रक्रिया के दौरान आप निम्न चरणों से गुजरते हैं:

स्टेज 1: लेबोर पैन और गर्भाशय ग्रीवा का फैलाव नॉर्मल डिलीवरी की पहली स्टेज होती है।इस स्टेज में गर्भाशय ग्रीवा चौड़ी हो जाता है ताकि बच्चा बर्थ केनाल से गुजर सके। यह स्टेज पहली डिलीवरी के मामले में 8-13 घंटे तक रह सकती है। दूसरी या तीसरी डिलीवरी के लिए समय 7-8 घंटे तक कम हो जाता है।

स्टेज 2: शिशु का गर्भाशय ग्रीवा से बाहर निकलना और डिलीवरी करना इस स्टेज में होती है। एक बार जब गर्भाशय ग्रीवा 10 सेमी तक फैल जाती है, तो दबाव के कारण दर्द बढ़ जाता है और आपका डॉक्टर आपको बच्चे को बाहर की ओर धक्का देने के लिए कहेगा। आपके धकेलने के प्रयासों और दबाव के बल के परिणामस्वरूप बच्चा बर्थ केनाल के माध्यम से बाहर आने की कोशिश करेगा।

एक बार जब शिशु का सिर योनि से बाहर निकलता है, तो शरीर का बाकी हिस्सा भी शीघ्र ही बाहर आने लगता है। डॉक्टर या नर्स बच्चे के वायुमार्ग को साफ कर देंगे, जिससे वह सांस ठीक से ले सके।

स्टेज 3: शिशु की डिलीवरी के बाद, माता को राहत की अनुभूति होगी। लेकिन यह तब तक खत्म नहीं होता, जब तक कि नाल की डिलीवरी न हो जाये। इसमें 5-30 मिनट तक का समय लग सकता है। कुछ मामलों में, इस प्रक्रिया में एक घंटा भी लग सकता है।

नाल की डिलीवरी के बाद, आप एक हल्के दबाव को महसूस करेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि डिलीवरी के बाद मूत्रवाहिनी सामान्य आकार में वापस आने की कोशिश करती है।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 11/11/2019

Q: नॉर्मल डिलीवरी के संकेत क्या है?

A:

महिलाओं के शरीर में कई विशिष्ट परिवर्तन होते हैं जो नॉर्मल डिलीवरी के लक्षणों को दर्शाते हैं। इसमें निम्नलिखित लक्षण शामिल हो सकते हैं:

  • पेशाब करने की इच्छा बढ़ना 

  • गर्भाशय ग्रीवा का पतला हो जाना 

  • बच्चे का गिरना 

  • दबाव

  • पीठ दर्द

  • पानी का टूटना 

  • दस्त महसूस करना

  • ऊर्जा खोना 

ये लक्षण निश्चित तिथि से पहले या बाद में ट्रिगर हो सकते हैं। महिला को ही तय करना होगा कि डॉक्टर को कब बुलाना है या डॉक्टर के पास कब जाना है।


Answered by: Dr. Nitika Sharma on 11/11/2019

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नॉर्मल डिलीवरी का खर्च